अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के खिलाफ फिर से सैन्य कार्रवाई करने के संकेत दिए हैं। ट्रंप प्रशासन ईरान के शांति प्रस्ताव से बहुत नाराज है और इसे पूरी तरह खारिज कर दिया है। इस बढ़ते तनाव के कारण पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीदें अब काफी कम नजर आ रही हैं। अमेरिका अब ईरान पर और दबाव बनाने की तैयारी में है।

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ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को क्यों नकारा और क्या कहा?

राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान द्वारा भेजे गए शांति प्रस्ताव को “बिल्कुल अस्वीकार्य” और “कचरे का टुकड़ा” बताया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस प्रस्ताव को पूरा पढ़ा तक नहीं। ट्रंप का मानना है कि ईरान के साथ चल रहा युद्धविराम अब खत्म होने की कगार पर है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अमेरिका के सैन्य अभियान अभी खत्म नहीं हुए हैं। ट्रंप ने बताया कि ईरान के अंदर उनके लगभग 70% टारगेट पूरे हो चुके हैं और अगले दो हफ़्तों में बाकी बचे लक्ष्यों पर भी हमला किया जा सकता है।

ईरान का क्या कहना है और पाकिस्तान की क्या भूमिका है?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने कहा कि उनका प्रस्ताव केवल उनके जायज हक मांग रहा है। ईरान चाहता है कि अमेरिकी प्रतिबंध हटाए जाएं और बंदरगाहों की नाकेबंदी खत्म हो। इस पूरे मामले में पाकिस्तान एक मध्यस्थ के रूप में काम कर रहा है। पाकिस्तानी अधिकारियों ने अमेरिका से युद्धविराम बढ़ाने की मांग की ताकि ईरान एक साझा प्रस्ताव तैयार कर सके। दूसरी तरफ, इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने भी कहा है कि ईरान के साथ यह युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है।

परमाणु कार्यक्रम और चीन का हस्तक्षेप

अमेरिका की इंटेलिजेंस डायरेक्टर Tulsi Gabbard ने जानकारी दी है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को भारी नुकसान पहुँचाया गया है और कई मुख्य केंद्र तबाह हो चुके हैं। राष्ट्रपति ट्रंप अब चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping से मुलाकात कर ईरान पर दबाव बनाने की कोशिश करेंगे। ट्रंप ने साफ कर दिया है कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार नहीं मिलने दिए जाएंगे और जब तक समझौता नहीं होता, नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहेगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका ईरान पर फिर से हमला करेगा?

राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि वे सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू कर सकते हैं क्योंकि ईरान का शांति प्रस्ताव उन्हें बिल्कुल पसंद नहीं आया।

ईरान की मुख्य मांगें क्या हैं?

ईरान चाहता है कि अमेरिका उसके बंदरगाहों की नाकेबंदी खत्म करे, आर्थिक प्रतिबंध हटाए और उसकी जमी हुई संपत्ति वापस करे।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.