अमेरिका और कनाडा के बीच बढ़ा तनाव, डोनाल्ड ट्रंप ने लेक ओंटारियो का नाम बदलने का किया दावा।

Praggya Singh sabal25 August 20262 min read49 viewsWorld
अमेरिका और कनाडा के बीच बढ़ा तनाव, डोनाल्ड ट्रंप ने लेक ओंटारियो का नाम बदलने का किया दावा।

अमेरिका और कनाडा के बीच इन दिनों व्यापारिक मोर्चे पर काफी तनाव चल रहा है और इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नया दावा पेश किया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर यह बात कही है कि वह लेक ओंटारियो का नाम बदलकर ‘लेक अमेरिका’ करने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। इस ताजा बयान के सामने आने के बाद दोनों पड़ोसी देशों के बीच कूटनीतिक और राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है और एक नए विवाद के शुरू होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

लेक ओंटारियो की भौगोलिक स्थिति और व्यापारिक तनाव

यह प्रसिद्ध झील अमेरिका और कनाडा की सीमा पर बहुत महत्वपूर्ण स्थान पर स्थित है। इस झील के एक तरफ अमेरिका का न्यूयॉर्क राज्य आता है, जबकि दूसरी तरफ कनाडा का ओंटारियो प्रांत बसा हुआ है। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने इस बयान में स्पष्ट किया कि अमेरिका अब ओंटारियो के साथ पहले की तरह ज्यादा व्यापार करने की उम्मीद नहीं रखता है, इसलिए इस महत्वपूर्ण झील के नाम में बदलाव करने पर विचार किया जा रहा है। दोनों देशों के बीच चल रहे ट्रेड वॉर के बीच यह बयान आग में घी डालने का काम कर रहा है, जिससे आम लोगों और व्यापारियों के बीच भी चिंता का माहौल बन रहा है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

पहले भी बदल चुके हैं प्रमुख भौगोलिक स्थानों के नाम

यह कोई पहली बार नहीं है जब डोनाल्ड ट्रंप ने किसी बड़े भौगोलिक स्थान या खाड़ी का नाम बदलने का ऐसा कोई विवादित मुद्दा उठाया हो। इससे पहले इसी साल यानी जनवरी, 2025 में उन्होंने एक आधिकारिक कार्यकारी आदेश जारी किया था। उस आदेश के तहत उन्होंने मेक्सिको की खाड़ी यानी गल्फ ऑफ मेक्सिको को अमेरिका के भीतर ‘गल्फ ऑफ अमेरिका’ नाम से पुकारने और संबोधित करने का सख्त निर्देश दिया था। हालांकि, उस समय उनके उस फैसले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत बड़ा विवाद खड़ा हो गया था और पड़ोसी देशों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई थी।

मेक्सिको ने जताया था कड़ा विरोध

जब अमेरिका ने गल्फ ऑफ मेक्सिको का नाम बदलने का प्रयास किया था, तब मेक्सिको सरकार ने इसके खिलाफ कड़ा तर्क दिया था। मेक्सिको का कहना था कि अमेरिका अकेले अपने दम पर पूरे खाड़ी क्षेत्र का नाम नहीं बदल सकता है। किसी भी देश का संप्रभु अधिकार केवल उसके अपने तट से जुड़े सीमित समुद्री क्षेत्र तक ही सीमित रहता है। अब ठीक उसी तर्ज पर लेक ओंटारियो के नाम को बदलने को लेकर दिए गए इस नए बयान से अमेरिका और कनाडा के रिश्तों में दूरियां बढ़ने लगी हैं। इस मामले की विस्तृत जानकारी आप हिन्दुस्थान समाचार पर देख सकते हैं।

Share:

Comments

Leave a comment