अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और वहां की संसद के बीच ईरान युद्ध को लेकर खींचतान काफी बढ़ गई है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) ने एक नया प्रस्ताव पास किया है, जिसका मकसद ट्रंप के बिना मंजूरी के ईरान के साथ युद्ध शुरू करने के अधिकार को सीमित करना है। इस फैसले से नाराज राष्ट्रपति ट्रंप ने न केवल विपक्षी दल बल्कि अपनी ही रिपब्लिकन पार्टी के उन सांसदों को आड़े हाथों लिया है जिन्होंने इस प्रस्ताव का समर्थन किया है। ट्रंप ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह से बेकार और देश के खिलाफ बताया है।

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ट्रंप ने अपनी ही पार्टी के सांसदों पर क्यों निकाला गुस्सा?

बुधवार 3 जून 2026 को अमेरिकी संसद के निचले सदन में एक प्रस्ताव पास किया गया। इस प्रस्ताव के पक्ष में 215 और विरोध में 208 वोट पड़े। इस वोटिंग के दौरान रिपब्लिकन पार्टी के चार सांसदों थॉमस मैसी, ब्रायन फिट्ज़पैट्रिक, टॉम बैरेट और वॉरेन डेविडसन ने अपनी पार्टी के खिलाफ जाकर विपक्षी डेमोक्रेट्स का साथ दिया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इन चारों सांसदों को स्वार्थी बताया और कहा कि उन्हें अपने इस कदम पर शर्म आनी चाहिए। ट्रंप का मानना है कि इस वोट से ईरान के साथ चल रही उनकी आखिरी दौर की बातचीत पर बुरा असर पड़ेगा और इससे देश को नुकसान होगा।

क्या इस प्रस्ताव के बाद ट्रंप के अधिकार सीमित हो जाएंगे?

यह प्रस्ताव एक कॉन्करेंट रेजोल्यूशन (concurrent resolution) है। इसका मतलब है कि इसे हाउस और सीनेट दोनों से पास होना जरूरी है। हालांकि, इसके लिए राष्ट्रपति के दस्तखत की जरूरत नहीं होती है और राष्ट्रपति इस पर वीटो भी नहीं लगा सकते हैं। लेकिन कानूनी तौर पर यह सरकार को पूरी तरह मजबूर नहीं करता है। डेमोक्रेटिक सांसद ग्रेगरी मीक्स ने इस प्रस्ताव को पेश किया था। उनका कहना है कि यह संसद के संवैधानिक अधिकारों को बनाए रखने और राष्ट्रपति को जवाबदेह बनाने के लिए उठाया गया एक जरूरी कदम है। दूसरी तरफ, हाउस स्पीकर माइक जॉनसन का मानना है कि इस वोट से बातचीत के दौरान ईरान के सामने ट्रंप की स्थिति कमजोर होगी।

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के ताज़ा हालात क्या हैं?

अमेरिका और ईरान के बीच पिछले तीन महीनों से तनाव जारी है। व्हाइट हाउस का दावा है कि अप्रैल की शुरुआत में हुए युद्धविराम के बाद यह संघर्ष काफी हद तक शांत हो चुका है। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्छी ने बताया कि ट्रंप की उम्मीदों के बाद भी बातचीत में अभी तक कोई बड़ी प्रगति नहीं हुई है। इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में समुद्री जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित कर देता है, तो अमेरिका अपनी समुद्री नाकेबंदी हटाने पर विचार कर सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिकी संसद में युद्ध शक्ति प्रस्ताव के पक्ष में कितने वोट पड़े?

इस प्रस्ताव के पक्ष में 215 वोट पड़े, जबकि विरोध में 208 वोट डाले गए। रिपब्लिकन पार्टी के चार सांसदों ने अपनी पार्टी से अलग जाकर इसके समर्थन में वोट दिया।

क्या राष्ट्रपति ट्रंप इस नए प्रस्ताव को वीटो कर सकते हैं?

नहीं, यह एक कंकड़ेंट प्रस्ताव है जिसे राष्ट्रपति के हस्ताक्षर की जरूरत नहीं होती है और ट्रंप इस पर वीटो नहीं कर सकते। हालांकि, इसके पास पूरी तरह से कानूनी ताकत नहीं होती है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.