अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो (NATO) के कई सदस्य देशों पर बड़ा हमला बोला है। तुर्की के अंकारा में होने वाले शिखर सम्मेलन से पहले ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान में अमेरिका का साथ न देने वाले देश अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि अगर साथी देश मदद नहीं करेंगे, तो गठबंधन पर अरबों डॉलर खर्च करने का कोई मतलब नहीं है।

👉: अमेरिका ने दिया ईरान को बड़ा मौका, अगस्त 2026 तक तेल और पेट्रोकेमिकल्स बेचने की मिली मंजूरी

ट्रंप ने खास तौर पर इटली, जर्मनी और फ्रांस का नाम लिया। उन्होंने बताया कि इन देशों ने अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान के खिलाफ चलाए गए “Operation Epic Fury” में सैन्य मदद देने से इनकार कर दिया था। ट्रंप ने तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तायिप एर्दोगन से बात करते हुए कहा कि वह यह देख रहे हैं कि संकट के समय कौन से साथी वास्तव में अमेरिका के साथ खड़े होते हैं।

यह सैन्य अभियान फरवरी 2026 में इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की पैरवी के बाद शुरू किया गया था। इस अभियान का मुख्य मकसद ईरान में सत्ता बदलना और ऊर्जा संसाधनों को सुरक्षित करना था। हालांकि, बाद में अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने उन दावों को गलत बताया कि ईरान परमाणु हथियार बनाने के करीब था।

यूरोपीय देशों ने इस अभियान का समर्थन तो किया, लेकिन उन्होंने युद्ध में सीधे तौर पर शामिल होने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि यह यूरोप का युद्ध नहीं है और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का हवाला दिया। वहीं, नाटो के महासचिव मार्क रूट ने यूरोपीय देशों का बचाव किया। उन्होंने बताया कि इस संघर्ष के दौरान करीब 4,000 से 5,000 अमेरिकी विमानों ने यूरोपीय देशों के सैन्य अड्डों का इस्तेमाल किया था।

इटली ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि उनकी मदद सिर्फ तकनीकी और रसद (logistics) तक सीमित थी। तनाव तब और बढ़ गया जब ट्रंप ने नाटो से बाहर निकलने की धमकी दी। यह धमकी तब आई जब सदस्य देशों ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने में अमेरिका की मदद नहीं की, जो दुनिया के लिए तेल सप्लाई का एक अहम रास्ता है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com