अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो (NATO) गठबंधन की भूमिका पर कड़ा प्रहार किया है। फ्लोरिडा में आयोजित एक समिट के दौरान ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष में नाटो देशों के सहयोग न मिलने को एक ‘बड़ी गलती’ बताया। उन्होंने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि अगर गठबंधन के देश अमेरिका के साथ नहीं खड़े हैं, तो अमेरिका को उनकी रक्षा के लिए प्रतिबद्ध क्यों रहना चाहिए। राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ किया कि वह नाटो पर होने वाले भारी भरकम खर्च और बदले में मिलने वाले समर्थन से संतुष्ट नहीं हैं।

ट्रंप ने नाटो और ईरान को लेकर क्या कहा?

ट्रंप ने सार्वजनिक तौर पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए ईरान को एक ‘पागल राष्ट्र’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को काफी हद तक नुकसान पहुँचाया है, लेकिन इस काम में पश्चिमी सहयोगियों ने कोई मदद नहीं की। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर भी लिखा कि नाटो देशों ने ईरान के मामले में कुछ नहीं किया है और अब अमेरिका को उनकी कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि अमेरिका हर साल नाटो की सुरक्षा पर अरबों डॉलर खर्च करता है, फिर भी मुश्किल समय में उसे अकेला छोड़ दिया गया।

इस तनाव का दुनिया और समुद्री व्यापार पर क्या असर हुआ?

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और सुरक्षा पर देखने को मिल रहा है। नाटो के महासचिव मार्क रट (Mark Rutte) ने गठबंधन की ओर से देरी को स्वीकार किया है और सदस्य देशों के बीच एकजुटता की अपील की है। वर्तमान स्थिति को नीचे दिए गए बिंदुओं से समझा जा सकता है:

  • होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में समुद्री यातायात लगभग रुकने की कगार पर पहुँच गया है।
  • ईरान की धमकियों और हमलों की वजह से दुनिया भर में ऊर्जा और तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है।
  • कई यूरोपीय देशों ने इस सैन्य अभियान में शामिल होने से यह कहकर मना कर दिया कि ट्रंप ने उनसे सलाह लिए बिना यह कदम उठाया था।
  • ईरान ने दुनिया भर में पर्यटन और मनोरंजन स्थलों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है।

विवाद से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण तारीखें और घटनाक्रम

तारीख मुख्य घटना
28 फरवरी 2026 ईरान पर अमेरिका और इजरायल के सैन्य हमले शुरू हुए
26 मार्च 2026 ट्रंप ने सोशल मीडिया पर नाटो के सहयोग न करने की बात लिखी
28 मार्च 2026 फ्लोरिडा समिट में ट्रंप ने नाटो के प्रति अमेरिकी प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए

ट्रंप के इन बयानों के बाद नाटो के आर्टिकल 5 को लेकर भी चिंता जताई जा रही है, जो सदस्य देशों की आपसी रक्षा से जुड़ा नियम है। फिलहाल खाड़ी क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और इसका असर उन प्रवासियों पर भी पड़ सकता है जो इन समुद्री रास्तों से होने वाले व्यापार पर निर्भर हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com