अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब बहुत ही नाजुक दौर में पहुंच गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को मंगलवार, 7 अप्रैल 2026 की रात 8:00 बजे तक का समय दिया है। ट्रंप का कहना है कि अगर इस समय तक ईरान ने Strait of Hormuz (होर्मुज जलडमरूमध्य) को जहाजों के लिए नहीं खोला, तो अमेरिका उसके पावर प्लांट और पुलों पर हमला कर देगा। इस बीच अमेरिका और इसराइल के हमलों को आज 38 दिन बीत चुके हैं, जिससे खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के बीच भी चिंता का माहौल है।

ट्रंप की चेतावनी और ईरान का कड़ा रुख क्या है?

राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कर दिया है कि यह आखिरी मोहलत है और वे अब नागरिक सुविधाओं को भी निशाना बनाने से पीछे नहीं हटेंगे। ट्रंप को उम्मीद है कि शायद कोई समझौता हो जाए, लेकिन उन्होंने अपनी तैयारी पूरी रखी है। दूसरी तरफ, ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने कहा है कि वे जहाजों पर हमले जारी रखेंगे। ईरान की IRGC ने घोषणा की है कि यह समुद्री रास्ता अब अमेरिका और इसराइल के लिए पहले जैसा सुरक्षित कभी नहीं रहेगा। ईरान ने अब इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर अपनी मुद्रा ‘रियाल’ में टैक्स वसूलने का नया कानून भी तैयार कर लिया है।

पिछले 24 घंटों के युद्ध की बड़ी बातें

  • सोमवार को इसराइली सेना ने तेहरान में बड़े हमले किए, जिसमें कम से कम 25 लोगों की जान चली गई।
  • अमेरिका और इसराइल के हमले में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के इंटेलिजेंस चीफ के मारे जाने की खबर है।
  • UAE और कुवैत की एयर डिफेंस प्रणालियों ने सोमवार को अपनी तरफ आ रही कई मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया।
  • तेहरान के कई इलाकों में गैस और बिजली की भारी किल्लत देखी जा रही है।
  • मिस्र, पाकिस्तान और तुर्की ने मिलकर 45 दिनों के युद्धविराम का एक प्रस्ताव दोनों देशों को भेजा है।

मौजूदा स्थिति और अंतरराष्ट्रीय दबाव का विवरण

मुख्य जानकारी विवरण
डेडलाइन का समय 7 अप्रैल, रात 8:00 बजे (ET)
युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी 2026
तेहरान में नुकसान 25 लोगों की मौत और गैस की भारी कमी
शांति प्रयास 40 से अधिक देश ईरान पर दबाव बना रहे हैं
ईरान का नया नियम जहाजों पर ट्रांजिट फीस लगाने की तैयारी
सैनिक कार्रवाई US ने अपने दो F-15E पायलटों को सुरक्षित बचाया

ईरान के उप विदेश मंत्री ने चेतावनी दी है कि नागरिक ठिकानों पर हमला करना युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है। वहीं, 40 से ज्यादा देश इस समय ईरान पर दबाव बना रहे हैं ताकि समुद्री व्यापार का रास्ता फिर से सुचारू रूप से शुरू हो सके। प्रवासियों के लिए सलाह है कि वे आधिकारिक खबरों पर नजर रखें क्योंकि इस तनाव का असर आने वाले दिनों में यात्रा और तेल की कीमतों पर भी पड़ सकता है।