अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता खत्म, ट्रंप बोले- ईरान पूरी तरह तबाह और लाचार.

Sushma Kumari17 August 20262 min read74 viewsWorld
अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता खत्म, ट्रंप बोले- ईरान पूरी तरह तबाह और लाचार.

संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने 17 अगस्त 2026 को एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि ईरान इस समय बहुत बड़ी मुश्किलों से जूझ रहा है और उसे पूरी तरह से सैन्य हार का सामना करना पड़ा है। उनका यह बयान उस समय सामने आया है जब वाशिंगटन और तेहरान के बीच हुआ 60 दिन का शांति समझौता यानी मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग खत्म हो गया है। इस समझौते का मकसद दोनों देशों के बीच एक पक्का शांति समझौता कराना था। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी बात दोहराते हुए साफ किया कि अमेरिका का मुख्य मकसद ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है और उन्होंने ईरानी नेताओं से बिना शर्त आत्मसमर्पण करने की मांग की है।

होरमुज जलडमरूमध्य में तनाव और तेल टैंकरों की आवाजाही बंद

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे इस तनाव का असर Strait of Hormuz पर साफ दिखाई दे रहा है, जहां अमेरिकी सेना ने नाकाबंदी की हुई है और यह सुझाव भी दिया है कि इस पानी के रास्ते पर अमेरिका का नियंत्रण होना चाहिए। सुरक्षा कारणों से तेल ले जाने वाले टैंकरों की आवाजाही अभी पूरी तरह से रुकी हुई है, जिसकी वजह से पूरे इलाके में डर और अस्थिरता का माहौल बन गया है। अमेरिका लगातार तेहरान पर दबाव बना रहा है, लेकिन ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका के दबदबे वाले इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के प्रवक्ताओं ने साफ कर दिया है कि वे किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। इसके साथ ही, ईरानी अधिकारियों ने उन खबरों को भी गलत बताया जिनमें पीछे के रास्तों से बातचीत होने की बात कही जा रही थी और यह पक्का किया कि आईआरजीसी ने इस खाली समय का इस्तेमाल अपनी मिसाइल बनाने की क्षमता और सैन्य ताकत को बढ़ाने में किया है।

इराकी कुर्दिस्तान पर ड्रोन हमला और कूटनीतिक स्थिति

क्षेत्रीय हालात को और ज्यादा खराब करते हुए 17 अगस्त को ऐसी खबरें सामने आईं कि इराकी कुर्दिस्तान के प्रधानमंत्री Masrour Barzani के दफ्तर को निशाना बनाकर एक ईरानी ड्रोन से हमला किया गया। इस घटना के बाद से इलाके में तनाव और ज्यादा बढ़ गया है। ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत में कोई हल नहीं निकलता है और यह गतिरोध ऐसे ही बना रहता है, तो होरमुज जलडमरूमध्य और पूरे इलाके में हालात और ज्यादा बिगड़ सकते हैं। अभी तक तेहरान की तरफ से ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि वे दोबारा अमेरिका के साथ आमने-सामने बैठकर कोई औपचारिक बातचीत शुरू करना चाहते हैं। इस पूरे घटनाक्रम से खाड़ी देशों में रहने वाले आम लोगों और कामगारों के मन में भी सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ती जा रही हैं, क्योंकि किसी भी बड़े टकराव का सीधा असर इस क्षेत्र की शांति और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है।

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