अमेरिका और ईरान के बीच तनाव गहराया, ट्रंप बोले ईरान डील के लिए तैयार नहीं, ओमान ने संभाला मोर्चा.

Nura Basta21 August 20263 min read37 viewsWorld
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव गहराया, ट्रंप बोले ईरान डील के लिए तैयार नहीं, ओमान ने संभाला मोर्चा.

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने 21 अगस्त 2026 को यह बड़ा बयान दिया कि ईरान अभी सही समझौता करने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं है। अमेरिका अब यह देख रहा है कि आने वाले दिनों में यह स्थिति किस दिशा में आगे बढ़ती है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz के इलाके पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण बना हुआ है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक अभियान शुरू किया है। अमेरिकी प्रशासन का यह कदम दोनों देशों के बीच चल रहे तनाव को और ज्यादा बढ़ा रहा है, जिसका असर पूरे खाड़ी देशों पर पड़ रहा है।

ईरान की तीखी प्रतिक्रिया और अमेरिकी रणनीति

अमेरिकी बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezakhkian ने वर्तमान तनाव को खत्म करने की इच्छा जताई और कहा कि ईरान आज भी पूरी ताकत और सम्मान के साथ खड़ा है। वहीं दूसरी तरफ, ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ Ali Abdollahi ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका की तरफ से कोई भी नया खतरा पैदा होता है, तो उनकी सेना बहुत ही कड़ा और करारा जवाब देगी। इसके अलावा, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अमेरिकी आर्थिक नीतियों को आर्थिक आतंकवाद करार दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी आंतरिक कर्ज की समस्याओं और बढ़ते ब्याज खर्चों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए यह सब कर रहा है।

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नए प्रतिबंधों और नाकेबंदी का ऐलान

अमेरिकी प्रशासन ईरान को पूरी तरह से अलग-थलग करने के लिए अपनी योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। अमेरिकी खजाने के सचिव Scott Bessent ने 20 अगस्त 2026 को यह घोषणा की कि वह 24 अगस्त 2026 यानी सोमवार को इतिहास के सबसे कड़े प्रतिबंध देश के सामने रखेंगे। अमेरिका इस बार नाकेबंदी और प्रतिबंधों का ऐसा दांव चल रहा है जिसका मकसद ईरानी सरकार को पूरी तरह से गिराना है। देश के उपराष्ट्रपति JD Vance ने भी यह बात साफ कर दी है कि अब यह संघर्ष आर्थिक दबाव के एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है। इसके साथ ही अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने हिजबुल्लाह को ईरान का प्रॉक्सी घोषित करते हुए उसके वित्तीय नेटवर्क से जुड़े लोगों पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं।

क्षेत्रीय प्रतिक्रिया और सैन्य गतिविधियां

इस पूरे मामले पर दुनिया भर के देशों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Lin Jian ने अमेरिकी प्रतिबंधों का खुलकर विरोध किया और राजनीतिक बातचीत के जरिए मामले को सुलझाने की बात कही। दूसरी तरफ, क्षेत्रीय स्तर पर कमान संभालने के लिए ओमान के विदेश मंत्री ने ईरानी अधिकारियों के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही और व्यापार समझौतों को लेकर बातचीत की। इस बढ़ते तनाव के कारण क्षेत्रीय व्यापार पर भी असर पड़ा है और यूएई ने मिसाइल हमले के आरोपों के बाद ईरान के साथ अपने व्यापार को निलंबित कर दिया है। सैन्य मोर्चे पर भी बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां अमेरिकी युद्धपोत USS Abraham Lincoln अपना नौ महीने का कार्यकाल पूरा कर चुका है और उसकी जगह USS George Washington को तैनात किया जा रहा है। इसके अलावा यमन के पास समुद्र में समुद्री लुटेरों की हरकतों ने सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया है, जहां ईरान का तेल ले जा रहे एक जहाज को पहले ही अमेरिका ने प्रतिबंधित किया था और जिसे हाल ही मेंSomalia की तरफ मोड़ दिया गया।

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