अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के फ्रीज किए गए पैसों को वापस लौटाने के फैसले का समर्थन किया है। France में हुए G7 Summit के दौरान उन्होंने साफ किया कि यह पैसा अमेरिका का नहीं बल्कि ईरान का है। Trump ने कहा कि अगर दुनिया के देशों का पैसा वापस नहीं मिला, तो लोग अमेरिकी डॉलर पर भरोसा करना छोड़ देंगे।

यह बयान तब आया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump और ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian के बीच 14 पॉइंट का एक समझौता (MoU) हुआ है। इस समझौते का मुख्य मकसद दोनों देशों के बीच की दुश्मनी को खत्म करना और Strait of Hormuz को फिर से खोलना है। अब अगले 60 दिनों के भीतर ईरान के परमाणु कार्यक्रम और आर्थिक पाबंदियों पर आखिरी फैसला लिया जाएगा।

समझौते की खास बातें और आर्थिक आंकड़े

इस नए समझौते के तहत अमेरिका ईरान के फ्रीज किए गए फंड्स को इस्तेमाल करने की इजाजत देगा। साथ ही, ईरान के तेल निर्यात पर लगी पाबंदियों को हटाने पर भी विचार किया जाएगा। आर्थिक विवरण नीचे दी गई टेबल में दिए गए हैं:

विवरण जानकारी/रकम
ईरान के पुनर्निर्माण के लिए प्लान 300 बिलियन डॉलर
कतर (Qatar) में जमा ईरान की संपत्ति 6 बिलियन डॉलर
कुल मांग की गई राशि (MoU के तहत) 24 बिलियन डॉलर
समझौते के कुल पॉइंट 14 पॉइंट
अंतिम समझौते के लिए समय 60 दिन
बयान की तारीख 18 जून 2026
कार्यक्रम का स्थान G7 समिट, फ्रांस

परमाणु हथियारों के मुद्दे पर ईरान ने भरोसा दिलाया है कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। दोनों देश अब 60 दिनों के अंदर ईरान के यूरेनियम स्टॉक पर सहमति बनाएंगे।

Trump ने इस शांति समझौते का श्रेय अपनी पुरानी सैन्य रणनीति को दिया है। उन्होंने कहा कि जनवरी 2020 में जनरल Qassem Soleimani को मारने के फैसले और ईरान पर किए गए सैन्य हमलों की वजह से ही आज बातचीत का रास्ता खुला है। उनका मानना है कि इन हमलों ने ईरान के पुराने पावर स्ट्रक्चर को खत्म कर दिया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.