अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने Strait of Hormuz में सुरक्षा और आर्थिक खतरों को लेकर बड़ी चेतावनी दी है। ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सप्लाई पर बुरा असर पड़ा है। ट्रंप ने अब दुनिया के 7 बड़े देशों से अपनी नौसेना भेजने की मांग की है ताकि इस समुद्री रास्ते को सुरक्षित किया जा सके। इस तनाव की वजह से कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुँच गया है।

ट्रंप ने किन देशों से सैन्य मदद मांगी है?

राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ़ शब्दों में कहा है कि ब्रिटेन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और चीन जैसे देशों को अपने युद्धपोत भेजने चाहिए। उनका कहना है कि ये देश अपनी ऊर्जा के लिए इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए इन्हें अपनी सुरक्षा खुद करनी चाहिए। ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर NATO के सदस्य देश इस संकट में मदद नहीं करते हैं तो गठबंधन का भविष्य बहुत खराब हो सकता है। फिलहाल अमेरिका अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाने की कोशिश में जुटा है।

तेल की कीमतों और वैश्विक व्यापार पर असर

Strait of Hormuz में चल रहे विवाद की वजह से आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ता दिख रहा है। पिछले तीन हफ्तों में तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। व्यापारिक जहाजों के लिए यह रास्ता फिलहाल असुरक्षित माना जा रहा है। यहाँ कुछ मुख्य आंकड़े दिए गए हैं:

विवरण ताज़ा स्थिति
तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल
कीमतों में बढ़ोतरी 40 से 50 प्रतिशत तक उछाल
कुल तेल व्यापार दुनिया का 20 प्रतिशत तेल यहीं से गुजरता है
सुरक्षा स्थिति कमर्शियल जहाजों के लिए हाई रिस्क

ईरान और खाड़ी देशों की मौजूदा स्थिति

ईरान के विदेश मंत्री ने बयान दिया है कि यह समुद्री रास्ता केवल उनके दुश्मनों के लिए बंद रहेगा। दूसरी ओर कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी ड्रोन हमले की खबरें आई हैं जिससे सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। ट्रंप ने दावा किया है कि ईरानी मिसाइल हमलों में कमी आई है लेकिन फिर भी व्यापारिक जहाजों का बिना सुरक्षा के यहाँ से निकलना संभव नहीं है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और भारत जैसे देशों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि इससे आने वाले समय में महंगाई और बढ़ सकती है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.