अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने शुक्रवार 26 जुलाई 2026 को साफ किया कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने का कारण गोला-बारूद की कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास दुनिया के किसी भी देश से कहीं ज्यादा हथियार मौजूद हैं। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि उनकी पहली पसंद हमेशा से ही कूटनीति रही है और उन्होंने ईरान को चेतावनी दी है कि गंभीर बातचीत शुरू न होने पर गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

सैन्य अधिकारियों और ईरान का रुख

ट्रंप के दावों के बावजूद CENTCOM के कमांडर एडमिरल Brad Cooper ने होर्मुज जलडमरूमध्य में बमबारी रोकने की सिफारिश की थी। उनका मानना था कि दो हफ्ते के हमलों के बाद अब सैन्य कार्रवाई का प्रभाव कम हो गया है। वहीं, ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल Dan Kien ने मिडिल ईस्ट में सुरक्षा के लिए जरूरी मिसाइलों की कमी पर चिंता जाहिर की थी। दूसरी ओर, ईरान के आर्मी प्रवक्ता Mohammad Akrami Nia ने पुष्टि की कि अमेरिका द्वारा हमले रोकने के बाद ईरान ने भी अपनी जवाबी कार्रवाई रोक दी है।

शांति के लिए अंतरराष्ट्रीय कोशिशें

वर्तमान में पाकिस्तान, कतर, ओमान और Egypt जैसे देश 10 दिन के संघर्ष विराम और होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए मध्यस्थता कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख Rafael Grossi ने भी तनाव कम करने के लिए बातचीत को जरूरी बताया है। हालांकि, European Union ने मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए ईरान के पांच जजों और एक साइबर ग्रुप के सदस्य पर नए प्रतिबंध लागू किए हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.