अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump और ईरान के बीच एक समझौते को लेकर बड़ी बहस छिड़ गई है. ट्रंप ने ईरान द्वारा लीक की गई शर्तों को पूरी तरह गलत बताया है. इसी बीच Strait of Hormuz में ड्रोन हमलों ने माहौल को और ज्यादा तनावपूर्ण बना दिया है.

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Trump ने ईरान के दावों को बताया झूठ

Donald Trump ने अपने Truth Social प्लेटफॉर्म पर जानकारी दी कि ईरान ने जो शर्तें लीक की हैं, उनका लिखित समझौते से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने ईरान के बयान को ‘कमजोर और घटिया’ बताया और उन पर बेईमानी का आरोप लगाया. ट्रंप ने 11 जून को संकेत दिया था कि डील होने की वजह से उन्होंने ईरान पर नए सैन्य हमले रोक दिए थे, लेकिन अब वह ईरान की नीयत पर सवाल उठा रहे हैं.

एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि अमेरिका की समझ यह थी कि यह समझौता ‘परफॉरमेंस’ पर आधारित होगा. इसका मतलब था कि ईरान को उसके जमा पैसे तभी मिलेंगे जब वह अपने परमाणु कार्यक्रम को खत्म करेगा और परमाणु सामग्री को हटाएगा.

ईरान का अपना अलग दावा

ईरान की सरकारी मीडिया IRNA और Mehr News Agency ने इस समझौते का बिल्कुल अलग रूप पेश किया. उनके मुताबिक, अमेरिका ईरान के 24 अरब डॉलर के जमा पैसे छोड़ेगा, जिसमें से कुछ रकम तुरंत और बाकी धीरे-धीरे मिलेगी. ईरान ने यह भी कहा कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम और यूरेनियम बढ़ाने के अधिकार को नहीं छोड़ेगा. साथ ही, ईरान ने Strait of Hormuz पर अपना नियंत्रण छोड़ने से भी मना कर दिया.

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने 12 जून को कहा कि अभी तक किसी अंतिम समझौते पर फैसला नहीं हुआ है. ईरान ने ट्रंप के दावों को केवल एक झूठा नैरेटिव बताया है.

समुद्र में ड्रोन हमले और तनाव

राजनीतिक खींचतान के बीच Strait of Hormuz में हालात बिगड़ गए. खबर आई कि भारतीय जहाजों पर ड्रोन हमला हुआ, जिसकी ट्रंप ने कड़ी निंदा की. 12 जून की सुबह अमेरिकी सेना ने दो ईरानी ड्रोन को मार गिराया. बताया गया कि इन ड्रोन ने एक गुजरते हुए जहाज पर फायरिंग करने की कोशिश की थी.