अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने बेरूत के Dahiyeh इलाके में हुए इसराइली हमले की कड़ी निंदा की है. यह हमला उस समय हुआ जब अमेरिका क्षेत्र में शांति लाने के लिए एक बड़े समझौते के बहुत करीब था. ट्रंप ने इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu से सवाल किया कि उन्होंने इस वक्त हमला क्यों किया.

बेरूत में हवाई हमला और नुकसान

इसराइल ने लेबनान की राजधानी बेरूत के Dahiyeh इलाके में Hezbollah के ठिकानों पर हवाई हमला किया. इसराइल का कहना है कि लेबनान से उत्तरी इसराइल में तीन ड्रोन दागे गए थे, जिसका यह जवाब था. लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी (NNA) के मुताबिक इस हमले में 3 लोगों की मौत हो गई और 15 लोग घायल हुए. खबरों के मुताबिक इस हमले में Hezbollah का एक बड़ा कमांडर Ali Moussa Dakdouk मारा गया.

Donald Trump और अमेरिकी अधिकारियों का रुख

राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि यह हमला नहीं होना चाहिए था, क्योंकि अमेरिका एक ऐसे समझौते के करीब था जिससे लेबनान समेत पूरे क्षेत्र में शांति आ सकती थी. उन्होंने Hezbollah के हमले को बहुत छोटा और मामूली बताया और कहा कि इसकी वजह से शांति की प्रक्रिया नहीं रुकनी चाहिए. ट्रंप ने सभी पक्षों से अपील की कि वे पीछे हट जाएं.

वहीं, अमेरिकी अधिकारियों ने Axios को बताया कि हमले से ठीक पहले IDF ने CENTCOM को इसकी सूचना दी थी. एक अमेरिकी राजनयिक ने Fox News को बताया कि यह इसराइल की कोशिश थी ताकि राष्ट्रपति के शांति समझौते को नाकाम किया जा सके और अमेरिका को फिर से युद्ध में खींचा जा सके.

इसराइल और ईरान की प्रतिक्रिया

इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और रक्षा मंत्री Israel Katz ने एक साझा बयान में कहा कि इसराइल अपनी जमीन पर होने वाली फायरिंग को बर्दाश्त नहीं करेगा. इससे पहले इसराइली मंत्री Itamar Ben-Gvir और Bezalel Smotrich ने भी Dahiyeh इलाके पर हमले की मांग की थी.

दूसरी तरफ, ईरान ने इस हमले पर कड़ी नाराजगी जताई है. ईरान के शीर्ष वार्ताकार ने कहा कि इस घटना से लगता है कि अमेरिका अपने वादे निभाने में सक्षम नहीं है. ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Baqer Qalibaf ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी नहीं करता, तो बातचीत जारी रखना नामुमकिन होगा. ईरान के सैन्य अधिकारियों ने यह भी संकेत दिए कि इस हमले का जवाब दिया जाएगा.