अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। हाल ही में ईरान ने एक नया प्रस्ताव भेजा था, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इससे खुश नहीं हैं। ट्रंप का कहना है कि इस प्रस्ताव में ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में कोई ठोस बात नहीं की गई है, जिससे यह समझौता अधूरा है।
ईरान के प्रस्ताव में क्या था और ट्रंप को क्या पसंद नहीं आया?
ईरान ने अपने नए प्रस्ताव में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने और अमेरिका-इसराइल युद्ध को खत्म करने का सुझाव दिया था। लेकिन ईरान की शर्त यह थी कि परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत युद्ध खत्म होने और शिपिंग विवाद सुलझने के बाद होगी। डोनाल्ड ट्रंप और उनकी टीम ने इसे मानने से इनकार कर दिया क्योंकि अमेरिका चाहता है कि परमाणु मुद्दा सबसे पहले और सबसे ऊपर रखा जाए।
अमेरिका की मुख्य मांगें और शर्तें क्या हैं?
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव करोलिन लेविट ने सोमवार को बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ इस प्रस्ताव पर चर्चा की है। अमेरिका ने अपनी कुछ शर्तें साफ कर दी हैं जिन्हें वह बदलना नहीं चाहता। अमेरिका की मुख्य मांगें नीचे दी गई हैं:
- ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम (enriched uranium) का स्टॉक अमेरिका को सौंपे।
- होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत व्यापार के लिए खोला जाए।
- ईरान परमाणु हथियार विकसित करने की कोशिशें पूरी तरह बंद करे।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान का प्रस्ताव उम्मीद से बेहतर था, लेकिन किसी भी समझौते के लिए परमाणु हथियारों पर रोक लगाना सबसे जरूरी है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ओलिविया वेल्स ने यह भी साफ किया कि अमेरिका मीडिया के जरिए बातचीत नहीं करेगा।
पाकिस्तान की मध्यस्थता और रूस का साथ
इस पूरे मामले में पाकिस्तान ने एक मध्यस्थ के तौर पर काम किया। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान के जरिए यह प्रस्ताव अमेरिका तक पहुँचाया था। वहीं दूसरी ओर, ईरान रूस के साथ अपनी दोस्ती मजबूत कर रहा है। विदेश मंत्री अराघची ने हाल ही में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा की। फिलहाल दोनों देशों के बीच एक कमजोर युद्धविराम लागू है, लेकिन तनाव अब भी बना हुआ है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
डोनाल्ड ट्रंप ईरान के प्रस्ताव से क्यों नाराज हैं?
ट्रंप इसलिए नाराज हैं क्योंकि ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत को बाद के लिए टालने की कोशिश की है, जबकि अमेरिका इसे किसी भी समझौते के लिए पहली शर्त मानता है।
अमेरिका ने ईरान के सामने क्या शर्तें रखी हैं?
अमेरिका की मुख्य मांग है कि ईरान अपने यूरेनियम स्टॉक को सौंपे, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोले और परमाणु हथियार बनाने की कोशिशें पूरी तरह बंद करे।