अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने मंगलवार 14 जुलाई 2026 को यह घोषणा की कि अमेरिका हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर अब 20 फीसदी का प्रस्तावित शुल्क नहीं लगाएगा। इसके बजाय अब अमेरिका इन खाड़ी देशों के साथ नए व्यापार और निवेश समझौते करेगा। यह फैसला एक दिन पहले लिए गए उस निर्णय के बाद आया है जिसमें अमेरिका ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी जहाजों पर नाकेबंदी और कार्गो पर भारी शुल्क लगाने की बात कही थी। इस शुल्क का असर इतना अधिक था कि एक भरे हुए सुपरटैंकर पर करीब 30 मिलियन डॉलर तक का खर्च आ सकता था।
तनाव के बीच ईरान का हमला
क्षेत्रीय तनाव काफी बढ़ गया है क्योंकि सोमवार 13 जुलाई को अमेरिकी सेना ने लगातार तीसरी रात ईरान की सैन्य क्षमताओं पर हमले किए। इसके जवाब में, 14 जुलाई को हॉर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिणी हिस्से में ईरानी क्रूज मिसाइलों ने UAE के दो तेल टैंकरों को निशाना बनाया। इस घटना में चालक दल के कुछ सदस्य घायल हुए हैं और IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) ने इन जहाजों को निशाना बनाने की जिम्मेदारी ली है। इस तनाव के चलते Brent crude की कीमतें 86 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई हैं, जो पिछले एक महीने में सबसे ज्यादा है।
भारतीय प्रवासियों और दूतावास पर असर
क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति को देखते हुए Abu Dhabi स्थित अमेरिकी दूतावास और Dubai में महावाणिज्य दूतावास ने 13 जुलाई से 15 जुलाई के बीच सभी कांसुलर अपॉइंटमेंट रद्द कर दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने इन टोल की वैधता पर सवाल उठाए थे, वहीं UAE ने भी जलडमरूमध्य में ईरान के दावों और आवाजाही रोकने की कोशिशों का कड़ा विरोध किया है। भारतीय कामगारों और व्यापारियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक बनी हुई है क्योंकि कच्चे तेल के दाम बढ़ने से इसका सीधा असर महंगाई पर पड़ सकता है।
