अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ हुए समझौते (MoU) को पूरी तरह खत्म कर दिया है। उन्होंने ईरान पर बड़े जवाबी हमले के आदेश दिए हैं, जिससे खाड़ी देशों और पूरी दुनिया में तनाव बढ़ गया है। यह बड़ा फैसला तुर्की के अंकारा में हुए NATO शिखर सम्मेलन के दौरान लिया गया।

ℹ️: Trump का बड़ा ऐलान, इसराइल और ईरान के बीच युद्ध खत्म, अब नहीं होंगे हमले

बुधवार, 8 जुलाई 2026 को Trump ने ऐलान किया कि ईरान के साथ समझौता अब खत्म हो चुका है और इसे करना समय की बर्बादी था। उन्होंने ईरान के नेतृत्व पर कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें हिंसक बताया। Trump ने यह भी दावा किया कि अगर ईरान के पास परमाणु हथियार होते, तो वह उनका इस्तेमाल जरूर करता।

इससे पहले मंगलवार, 7 जुलाई 2026 को Trump ने ईरान पर हमले के आदेश दिए थे। यह कार्रवाई Strait of Hormuz में तीन कमर्शियल जहाजों पर हुए हमले के बाद की गई। U.S. Central Command (CENTCOM) ने कन्फर्म किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के 80 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया।

इन हमलों में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, कमांड और कंट्रोल नेटवर्क, तटीय रडार साइट्स और IRGC की 60 से ज्यादा छोटी नावों को नष्ट कर दिया गया। यह हमला 27 जून को हुए पिछले हमलों के मुकाबले करीब आठ गुना बड़ा था। इसके साथ ही Trump ने उस लाइसेंस को भी रद्द कर दिया, जिससे ईरान दुनिया के बाजार में अपना तेल बेचता था।

NATO के महासचिव Mark Rutte ने कहा कि ईरान द्वारा युद्धविराम समझौते को तोड़ने के कारण अमेरिका के ये हमले बिल्कुल जरूरी थे। दूसरी तरफ, अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।

ईरान की इस हरकत पर कुवैत के विदेश मंत्रालय और UAE के वरिष्ठ राजनयिक Dr. Anwar Gargash ने कड़ी निंदा की है। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने बयान दिया कि जब तक अमेरिका की तरफ से धमकियां जारी रहेंगी, तब तक तेहरान बातचीत फिर से शुरू नहीं करेगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.