अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अपने खास दूतों को पाकिस्तान भेजा है। यह दौरा ईरान के साथ युद्ध रोकने और ceasefire डील करने के लिए किया गया है। हालांकि सोशल मीडिया पर इस दौरे के रद्द होने की खबरें उड़ी थीं, लेकिन व्हाइट हाउस ने साफ कर दिया है कि बातचीत की प्रक्रिया जारी है।
कौन हैं ये खास दूत और क्या है उनका काम?
- Steve Witkoff: ये अमेरिका के स्पेशल एनवॉय हैं और World Liberty Financial के को-फाउंडर हैं।
- Jared Kushner: ये राष्ट्रपति ट्रंप के दामाद और व्हाइट हाउस के पूर्व सीनियर सलाहकार हैं।
- व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने Fox News को बताया कि ये दोनों दूत ईरान की बात सुनने और समझौते की दिशा में आगे बढ़ने के लिए पाकिस्तान जा रहे हैं।
ईरान और अमेरिका की बातचीत कैसे होगी?
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi भी इस बातचीत के लिए इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं। पाकिस्तान इस पूरी प्रक्रिया में बीच का रास्ता निकालने यानी mediation का काम कर रहा है। ईरान सरकार ने साफ किया है कि अमेरिकी प्रतिनिधियों के साथ उनकी कोई सीधी मुलाकात नहीं होगी, बल्कि पाकिस्तानी अधिकारी दोनों पक्षों के बीच संदेश पहुंचाएंगे।
क्या दौरे के रद्द होने की खबर सच थी?
सोशल मीडिया पर चल रही वह खबर गलत है जिसमें कहा गया कि Steve Witkoff का दौरा रद्द हो गया है। असल में 21 अप्रैल को उपराष्ट्रपति JD Vance का पाकिस्तान दौरा रद्द हुआ था, जिससे लोगों में भ्रम फैल गया। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, ट्रंप के दूत पाकिस्तान जा रहे हैं और शनिवार, 25 अप्रैल को बातचीत होनी तय थी।