तुर्की के राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdogan और अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के बीच बुधवार, 20 मई 2026 को फोन पर बातचीत हुई। इस बातचीत में मुख्य रूप से अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव और युद्धविराम (ceasefire) को बढ़ाने पर चर्चा की गई। तुर्की चाहता है कि दोनों देशों के बीच विवाद जल्द सुलझ जाएं ताकि पूरी दुनिया में शांति बनी रहे।

अमेरिका-ईरान युद्धविराम पर क्या बोले एर्दोगन?

तुर्की की प्रेसिडेंसी के मुताबिक, राष्ट्रपति Erdogan ने राष्ट्रपति ट्रंप को बताया कि वह अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के विस्तार का स्वागत करते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि दोनों देशों के बीच जिन मुद्दों पर विवाद है, उनका हल निकाला जा सकता है। तुर्की ने इस फैसले को एक सकारात्मक कदम बताया है।

  • तुर्की की भूमिका: तुर्की एक नाटो सदस्य है और ईरान का पड़ोसी भी है, इसलिए वह वाशिंगटन, तेहरान और पाकिस्तान जैसे देशों के साथ मिलकर मध्यस्थता कर रहा है।
  • अन्य मुद्दे: बातचीत के दौरान सीरिया में स्थिरता लाने और लेबनान में इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच बढ़ती लड़ाई को रोकने पर भी जोर दिया गया।
  • नाटो समिट: जुलाई में अंकारा में होने वाली नाटो समिट की तैयारियों पर भी दोनों नेताओं ने चर्चा की।

ट्रंप का क्या कहना है और ईरान का क्या प्रस्ताव है?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ किया कि वह ईरान के साथ डील करने में कोई जल्दबाजी नहीं कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने पहले कहा था कि बातचीत अपने आखिरी दौर में है, लेकिन साथ ही यह चेतावनी भी दी कि अगर शांति समझौता नहीं हुआ तो हमलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

  • युद्धविराम की तारीख: अमेरिका और ईरान के बीच पहला युद्धविराम 8 अप्रैल 2026 को दो हफ्ते के लिए हुआ था, जिसे 21 अप्रैल को अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया गया।
  • ईरान का प्रस्ताव: 19 मई 2026 को ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए एक नया प्रस्ताव भेजा, लेकिन व्हाइट हाउस ने इसे नाकाफी बताया।
  • लेबनान अपडेट: इससे पहले 15 मई को अमेरिकी विदेश विभाग ने बताया था कि इजराइल और लेबनान ने अपने अस्थायी युद्धविराम को 45 दिनों के लिए बढ़ाने पर सहमति जताई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम कब शुरू हुआ था

अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की शुरुआत 8 अप्रैल 2026 को दो हफ़्तों के लिए हुई थी, जिसे बाद में 21 अप्रैल 2026 को राष्ट्रपति ट्रंप ने अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया।

तुर्की इस विवाद में क्या मदद कर रहा है

तुर्की एक नाटो सदस्य होने और ईरान का पड़ोसी होने के नाते वाशिंगटन, तेहरान और पाकिस्तान के साथ संपर्क बनाए हुए है ताकि दोनों पक्षों के बीच विवाद सुलझाया जा सके।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com