अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान पर होने वाले सैन्य हमले को फिलहाल टाल दिया है। उन्होंने Truth Social पर जानकारी दी कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और फील्ड मार्शल Asim Munir ने उनसे इस हमले को रोकने की विनती की थी। अब अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की समय सीमा को आगे बढ़ा दिया गया है ताकि बातचीत के जरिए कोई रास्ता निकाला जा सके।

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पाकिस्तान ने कैसे किया बीच-बचाव और क्या थी मांग

पाकिस्तान ने अमेरिका से अनुरोध किया था कि वह ईरान पर हमला तब तक न करे जब तक कि ईरान के नेता और उनके प्रतिनिधि मिलकर एक साझा प्रस्ताव तैयार न कर लें। Donald Trump ने इस मांग को स्वीकार करते हुए युद्धविराम को आगे बढ़ा दिया। हालांकि, राष्ट्रपति ने अमेरिकी सेना को आदेश दिया है कि ईरान की घेराबंदी (blockade) जारी रखी जाए और सेना किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहे।

ईरान का रुख और बातचीत की मौजूदा स्थिति

ईरान ने अमेरिका की शांति शर्तों को खारिज कर दिया है और कहा है कि वह धमकी के साये में कोई बातचीत नहीं करेगा। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance को बातचीत के लिए Islamabad जाना था, लेकिन उनकी यात्रा फिलहाल टाल दी गई है क्योंकि ईरान ने अमेरिकी प्रस्तावों पर कोई जवाब नहीं दिया है। पाकिस्तान के सूचना मंत्री Attaullah Tarar ने भी कहा कि उन्हें अभी ईरान की ओर से प्रतिनिधिमंडल भेजने की पुष्टि का इंतजार है।

युद्धविराम के दौरान हुए विवाद और शर्तें

यह युद्धविराम 8 अप्रैल 2026 को शुरू हुआ था और 22 अप्रैल को खत्म होने वाला था। Trump ने आरोप लगाया कि इस दौरान ईरान ने कई बार नियमों का उल्लंघन किया। दूसरी तरफ, ईरान के संयुक्त राष्ट्र मिशन ने मांग की है कि अमेरिका उनके एक जब्त किए गए जहाज को बिना किसी शर्त के तुरंत रिहा करे। Trump का मानना है कि ईरान के पास बातचीत के अलावा कोई विकल्प नहीं है, हालांकि उन्होंने संकेत दिया कि वह युद्धविराम को आगे और ज्यादा नहीं बढ़ाएंगे।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.