Trump का एकतरफा फैसला, ईरान के साथ युद्धविराम बढ़ाया, लेकिन ईरान ने ठुकराई अमेरिका की शर्तें

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। राष्ट्रपति Donald Trump ने एकतरफा फैसला लेते हुए युद्धविराम (ceasefire) की समय सीमा बढ़ा दी है, लेकिन ईरान ने अमेरिका की शर्तों को मानने से साफ इनकार कर दिया है। इस खींचतान के बीच Strait of Hormuz में अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी जारी है, जिससे पूरे क्षेत्र के हालात गंभीर हो गए हैं।

Trump ने युद्धविराम क्यों बढ़ाया और ईरान का क्या जवाब आया?

राष्ट्रपति Donald Trump ने Truth Social पर जानकारी दी कि उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और आर्मी चीफ Syed Asim Munir के अनुरोध पर यह फैसला लिया। Trump का कहना है कि ईरान की सरकार अंदरूनी तौर पर बंटी हुई है, इसलिए उन्हें एक नया और एकजुट प्रस्ताव तैयार करने के लिए समय दिया गया है। दूसरी तरफ, ईरान के अधिकारी Mohammadi ने इस फैसले को बेकार बताया है। उन्होंने कहा कि हारने वाला पक्ष शर्तें तय नहीं कर सकता और अमेरिकी नाकेबंदी के खिलाफ सैन्य जवाब देने की जरूरत है।

तेल व्यापार और अमेरिकी नाकेबंदी का क्या असर होगा?

अमेरिका ने Strait of Hormuz में अपनी नौसेना तैनात कर रखी है, जिसे ईरान युद्धविराम का उल्लंघन मान रहा है। US Treasury Secretary Scott Bessent ने चेतावनी दी है कि नाकेबंदी की वजह से ईरान के Kharg Island का स्टोरेज जल्द ही भर जाएगा, जिससे वहां के तेल कुओं को बंद करना पड़ेगा। अमेरिका ने यह भी साफ किया है कि जो भी व्यक्ति या जहाज ईरान के तेल व्यापार में गुप्त रूप से मदद करेगा, उस पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे।

क्या अब बातचीत की कोई गुंजाइश बची है?

दोनों देशों के बीच बातचीत पूरी तरह रुकी हुई है। ईरान ने बातचीत के दूसरे दौर में शामिल होने से मना कर दिया है, क्योंकि उनका कहना है कि अमेरिका की मांगें बहुत ज्यादा और अवास्तविक हैं। इस तनाव की वजह से अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने अपनी इस्लामाबाद यात्रा रद्द कर दी है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने स्पष्ट किया है कि जब तक अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी जारी रहेगी, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी।