अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध रोकने के लिए सीज़फायर की समय सीमा को अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया है। हालांकि, ट्रंप ने साफ़ कहा कि अमेरिका ईरान पर दबाव बनाना जारी रखेगा। इस बीच दोनों देशों के बीच तनाव अब भी बना हुआ है और बातचीत पूरी तरह शुरू नहीं हो पाई है।

ट्रंप ने ईरान के बारे में क्या कहा और सीज़फायर पर क्या फैसला लिया?

डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अब ईरान किसी को डरा नहीं सकता और वहां की लीडरशिप में बड़ी दरार आ चुकी है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने बिना किसी समय सीमा के सीज़फायर को आगे बढ़ाया है। अमेरिका चाहता है कि ईरान एक ऐसा प्रस्ताव लेकर आए जिससे समस्या हल हो सके। ट्रंप का मानना है कि ईरान आर्थिक और सैन्य रूप से कमजोर हो चुका है और अमेरिका का इस स्थिति पर पूरा कंट्रोल है।

ईरान का क्या जवाब है और होर्मुज़ जलडमरूमध्य की क्या स्थिति है?

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने ट्रंप के बयानों को पाखंड बताया और कहा कि अमेरिका की नीतियां बातचीत में सबसे बड़ी बाधा हैं। वहीं ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ ने साफ़ कर दिया कि जब तक अमेरिका और इसराइल अपनी नाकेबंदी नहीं हटाते, होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से नहीं खोला जाएगा। ईरान ने इसे सीज़फायर का उल्लंघन माना है। इस बीच ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने एक कंटेनर शिप को जब्त कर लिया है और अमेरिकी संपत्तियों को चेतावनी दी है।

बातचीत में पाकिस्तान की भूमिका और ताज़ा हालात क्या हैं?

इस पूरे विवाद में पाकिस्तान एक मध्यस्थ के रूप में काम कर रहा है। पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ही सीज़फायर बढ़ाने का अनुरोध किया था। हालांकि, पाकिस्तान में होने वाली दूसरी दौर की बातचीत ईरान के विरोध के कारण रद्द हो गई। ईरान ने सीज़फायर बढ़ने की बात तो मानी है, लेकिन वह दोबारा बातचीत की मेज पर आने के लिए अभी तैयार नहीं है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.