अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर संभावित सैन्य हमले को फिलहाल 10 दिनों के लिए टाल दिया है। अब यह नई डेडलाइन 6 अप्रैल 2026 तक बढ़ा दी गई है। ट्रंप ने जानकारी दी है कि यह फैसला ईरान सरकार की मांग पर लिया गया है और फिलहाल दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है। इस फैसले से खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते युद्ध के खतरों के बीच फिलहाल कुछ दिनों की राहत मिली है।

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ईरान पर हमले की समयसीमा क्यों बढ़ाई गई है?

राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बताया कि उन्होंने यह समय ईरान की सरकार के अनुरोध पर दिया है। ट्रंप के मुताबिक दोनों देशों के बीच चल रही चर्चा सही दिशा में बढ़ रही है। इससे पहले 21 मार्च 2026 को ट्रंप ने ईरान को Strait of Hormuz खोलने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था और ऊर्जा ठिकानों को तबाह करने की धमकी दी थी। अब नई समयसीमा 6 अप्रैल की रात 8 बजे तक तय की गई है। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान ने कुछ तेल टैंकरों को रास्ता देकर अपनी तरफ से सकारात्मक संकेत दिए हैं।

इस फैसले पर अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और ईरान की क्या प्रतिक्रिया है?

  • Donald Trump: ट्रंप का कहना है कि ईरान के साथ बातचीत बहुत अच्छी चल रही है और अमेरिकी दूत Steve Witkoff और Jared Kushner इसमें शामिल हैं।
  • IAEA की चिंता: अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख Rafael Grossi ने परमाणु केंद्रों के पास सैन्य गतिविधियों पर गहरी चिंता जताई है।
  • रेडियोधर्मी खतरा: IAEA ने चेतावनी दी है कि Bushehr परमाणु बिजली घर के पास किसी भी हमले से बड़े इलाके में रेडियोधर्मी रिसाव हो सकता है।
  • ईरानी अधिकारियों का पक्ष: ईरानी सरकार ने फिलहाल सीधी बातचीत के दावों को खारिज किया है और इसे मार्केट को प्रभावित करने वाली खबर बताया है।
  • विमानन और नौवहन: खाड़ी क्षेत्र में तेल की सप्लाई और समुद्री रास्तों को लेकर दुनिया भर की नजरें इस तनाव पर टिकी हुई हैं।