अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दी गई डेडलाइन को बढ़ाकर 6 अप्रैल 2026 कर दिया है। यह फैसला हारमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को दोबारा पूरी तरह खोलने को लेकर लिया गया है। ट्रंप ने बताया कि फिलहाल बातचीत के लिए काफी समय है और वे अधिकारियों से मिल रहे फीडबैक के आधार पर अगला कदम उठाएंगे। इससे पहले ईरान को 26 मार्च तक का समय दिया गया था, जिसे अब बढ़ा दिया गया है ताकि कूटनीतिक रास्तों से समाधान निकाला जा सके।

ईरान के साथ बातचीत में क्या नया हुआ है?

ईरान ने हाल ही में अपनी तरफ से बातचीत में नरमी दिखाते हुए पाकिस्तान के झंडे वाले 8 से 10 तेल टैंकरों को वहां से गुजरने दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने इसे एक उपहार की तरह बताया है और कहा है कि बातचीत सकारात्मक दिशा में जा रही है। अमेरिका ने पाकिस्तान के जरिए ईरान को 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव भी भेजा है। हालांकि ईरान की संसद के अध्यक्ष ने अमेरिका से सीधे बात करने से मना किया है, लेकिन विदेश मंत्रालय ने स्वीकार किया है कि उन्हें मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के सुझाव मिल रहे हैं।

भारत और खाड़ी देशों पर इसका क्या असर होगा?

भारत के लिए हारमुज का रास्ता बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यहाँ से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल की सप्लाई होती है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जहाजों की सुरक्षा और समुद्री रास्तों को खुला रखने की मांग की है। ईरान के विदेश मंत्री ने साफ किया है कि यह रास्ता भारत, चीन और रूस जैसे मित्र देशों के लिए खुला रहेगा, लेकिन दुश्मनों के लिए पाबंदी जारी रहेगी। इस बीच खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने ईरान पर जहाजों से सुरक्षित निकलने के बदले पैसे वसूलने का आरोप भी लगाया है।

  • शांति प्रस्ताव
  • मुख्य बिंदु विवरण
    नई समय सीमा 6 अप्रैल 2026
    मध्यस्थ देश पाकिस्तान
    15 सूत्रीय योजना
    सुरक्षित देश भारत, चीन, रूस, इराक
    इजरायल की कार्रवाई ईरानी नेवी कमांडर अलीरेजा तंगसिरी की मौत की पुष्टि
    Sushma Kumari

    Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com