अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के ऊर्जा और तेल ठिकानों पर होने वाले सैन्य हमलों को 10 और दिनों के लिए टालने का ऐलान किया है। अब यह रोक सोमवार, 6 अप्रैल 2026 की रात 8 बजे तक लागू रहेगी। ट्रम्प ने कहा कि यह फैसला ईरान सरकार के अनुरोध पर लिया गया है क्योंकि दोनों पक्षों के बीच बातचीत चल रही है। हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि वे केवल शांति चाहते हैं, लेकिन अगर बात नहीं बनी तो वे ईरान को कड़ा सबक सिखाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

बातचीत और शांति प्रस्ताव पर क्या है ताजा जानकारी?

अमेरिका ने पाकिस्तान की मदद से ईरान को 15 बिंदुओं वाला एक शांति प्रस्ताव भेजा है। अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने इसे एक बड़े समझौते की शुरुआत बताया है। दूसरी तरफ ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने सीधे बातचीत की खबरों से इनकार किया है और कहा है कि वे केवल मित्र देशों के जरिए संदेशों का लेन-देन कर रहे हैं। ट्रम्प का मानना है कि ईरान समझौता करने के लिए बेताब है क्योंकि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य से 8 तेल टैंकरों को गुजरने का रास्ता दिया है।

मुख्य बिंदु विवरण
नई समय सीमा 6 अप्रैल 2026, रात 8 बजे तक
शांति योजना 15 सूत्रीय प्रस्ताव भेजा गया
मध्यस्थ देश पाकिस्तान के जरिए बातचीत जारी
अमेरिकी सेना 2,500 सैनिक मिडिल ईस्ट रवाना
ईरान का रुख सीधे बातचीत से इनकार किया

मिडिल ईस्ट में सुरक्षा और सैन्य स्थिति के हालात

भले ही हमलों को कुछ दिनों के लिए रोका गया है, लेकिन अमेरिकी सेना की तैयारी कम नहीं हुई है। 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के 2,500 सैनिकों को मिडिल ईस्ट भेजा जा रहा है और हजारों मरीन्स भी खाड़ी की ओर बढ़ रहे हैं। इसी दौरान इजरायल ने तेहरान और करज के पास ईरानी ठिकानों पर कई हमले किए हैं। संयुक्त राष्ट्र की परमाणु एजेंसी ने भी चेतावनी दी है कि ईरान के परमाणु संयंत्रों के पास सैन्य कार्रवाई से बड़ा खतरा हो सकता है। ट्रम्प ने स्पष्ट किया है कि ईरान के तेल ठिकानों को निशाना बनाना अब भी उनके पास एक खुला विकल्प है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com