अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान पर होने वाले सैन्य हमले को फिलहाल टाल दिया है। उन्होंने ईरान को बातचीत के लिए दो या तीन दिन का समय दिया है। यह फैसला सऊदी अरब, कतर और UAE के नेताओं के अनुरोध के बाद लिया गया है। दुनिया की नजरें अब इस बात पर हैं कि क्या इन तीन दिनों में कोई शांति समझौता हो पाता है या फिर युद्ध की स्थिति और गंभीर हो जाती है।

हमले को क्यों रोका गया और क्या है शर्त?

Donald Trump ने अमेरिकी सेना को निर्देश दिया है कि वे 20 मई 2026 को होने वाले हमले को न करें। यह फैसला उन्होंने खाड़ी देशों के नेताओं की विनती पर लिया है, जिनका मानना है कि ईरान के साथ एक शांति समझौता करीब है। हालांकि, ट्रंप ने यह साफ कर दिया है कि यदि कोई स्वीकार्य डील नहीं हुई, तो किसी भी समय ईरान पर बड़े पैमाने पर हमला शुरू किया जा सकता है।

  • समय सीमा: बातचीत के लिए 2 से 3 दिन का समय दिया गया है।
  • शर्त: ईरान का परमाणु हथियार न बनाना इस डील का मुख्य हिस्सा हो सकता है।
  • तैयारी: अमेरिकी सेना को पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया है।

ईरान की प्रतिक्रिया और वैश्विक असर क्या है?

ईरान के सैन्य सलाहकार Mohsen Rezaei ने ट्रंप के इस फैसले का मजाक उड़ाया है और इसे एक बेकार उम्मीद बताया है। वहीं, ईरान की सेना के प्रवक्ता Mohammad Akraminia ने चेतावनी दी है कि अगर हमले फिर से शुरू हुए, तो ईरान अमेरिका के खिलाफ नए मोर्चे खोल देगा। दूसरी ओर, पाकिस्तान ने ईरान का नया प्रस्ताव अमेरिका के साथ साझा किया है। इस तनाव की वजह से Strait of Hormuz की समुद्री नाकेबंदी जारी है, जिससे पूरी दुनिया में गैस और तेल की कीमतों पर असर पड़ रहा है।

व्हाइट हाउस और अन्य देशों का क्या कहना है?

व्हाइट हाउस की डिप्टी प्रेस सचिव Anna Kelly ने बताया कि ईरान को लेकर अमेरिका का रुख नहीं बदला है और मुख्य ध्यान अभी भी उसके परमाणु कार्यक्रम पर है। कतर, सऊदी अरब और UAE के नेताओं का मानना है कि एक ऐसा समझौता हो सकता है जिससे ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। अमेरिका ने यह संकेत भी दिया है कि अगर ईरान अपने प्रॉक्सी बलों का समर्थन बंद करता है, तो उसके तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंध हटाए जा सकते हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका ईरान पर हमला करेगा?

राष्ट्रपति Donald Trump ने 20 मई के हमले को रोककर 2-3 दिन का समय दिया है। अगर इस दौरान कोई सही समझौता नहीं हुआ, तो बड़े पैमाने पर हमला हो सकता है।

खाड़ी देशों ने इस मामले में क्या भूमिका निभाई?

सऊदी अरब, कतर और UAE के नेताओं ने ट्रंप से अनुरोध किया था कि वे हमले को रोकें ताकि शांति समझौते के लिए चल रही बातचीत को पूरा किया जा सके।