अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 30 जुलाई 2026 को गाजा में हमास और अन्य सशस्त्र समूहों के पूरी तरह से निशस्त्रीकरण के लिए एक समझौते की घोषणा की। ट्रंप ने इसे शांति और सुरक्षा के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया। इस योजना के तहत 15 सूत्रीय प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसमें हमास को छह से आठ महीने के भीतर अपने हथियार सौंपने की बात कही गई है।
इसराइल ने क्यों ठुकराया प्रस्ताव
प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के कार्यालय ने इस प्रस्ताव को तुरंत खारिज कर दिया। इसराइली अधिकारियों का कहना है कि यह समझौता उनकी मांग के मुताबिक गाजा के पूर्ण विसैन्यीकरण (demilitarisation) को पूरा नहीं करता है। इसराइल का रुख साफ है कि उसे गाजा से हथियारों की पूरी तरह से सफाई चाहिए, ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
हमास और बातचीत का अगला कदम
हमास के सूत्रों ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख दिखाया है और व्हाइट हाउस को पत्र भेजने की योजना बनाई है। हमास ने अपनी ओर से लंबी अवधि के संघर्ष विराम, लक्षित हत्याओं को रोकने और इसराइली सेना की धीरे-धीरे वापसी की मांग रखी है। अगर यह समझौता लागू होता है, तो गाजा का प्रशासन एक नई National Committee for the Administration of Gaza (NCAG) के हाथों में आ सकता है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वहां शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सहायता मिल सकती है।
