अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump और ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian के बीच एक बड़ा समझौता हुआ है. दोनों देशों ने 14 पॉइंट्स के एक MoU पर साइन किए हैं ताकि फरवरी से चल रहे युद्ध को खत्म किया जा सके. इस डील के बाद अब 60 दिनों तक बातचीत होगी, लेकिन Trump ने साफ कर दिया है कि इस दौरान ईरान को कोई वित्तीय मदद नहीं मिलेगी.

Trump के दावे और पैसों पर पाबंदी

राष्ट्रपति Donald Trump ने अपने Truth Social प्लेटफॉर्म पर लिखा कि ईरान को 60 दिनों की बातचीत की अवधि के दौरान एक पैसा भी नहीं मिलेगा. उन्होंने यह बड़ा दावा भी किया कि हालिया जंग की वजह से ईरान काफी कमजोर हो गया है. Trump के मुताबिक, ईरान की एयरफोर्स, नेवी, रडार सिस्टम और एंटी-एयरक्राफ्ट उपकरण अब काम करने की स्थिति में नहीं हैं.

समझौते की मुख्य शर्तें

इस MoU के तहत कुछ खास नियम तय किए गए हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ (Strait of Hormuz) तुरंत फिर से खोलना होगा.
  • अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की अपनी नौसैनिक नाकाबंदी हटा ली है.
  • ईरान को कतर में जमा उसके 6 अरब डॉलर के फ्रोजन पैसे का इस्तेमाल मानवीय और गैर-प्रतिबंधित सामान खरीदने के लिए करने दिया जाएगा. यह पैसा किस्तों में मिलेगा और इस बात पर निर्भर करेगा कि बातचीत में कितनी तरक्की होती है.
  • अगले 60 दिनों तक ईरान को तेल निर्यात करने की अनुमति देने के लिए एक छूट (waiver) दी गई है.

ईरान का रुख और अन्य घटनाक्रम

ईरान के सुप्रीम लीडर Ayatollah Mojtaba Khamenei ने युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार अमेरिका के साथ सीधी बातचीत की मंजूरी दी है. हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने उन खबरों को खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि तेहरान ने परमाणु सुविधाओं के निरीक्षण के लिए IAEA को बुलाया है.

इसी बीच, ईरान ने एलान किया है कि नाकाबंदी खत्म होने के 60 दिनों बाद वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से गुजरने वाले जहाजों पर टोल टैक्स लगाएगा. उधर, इस शांति समझौते के बावजूद इजराइल और लेबनान के हिजबुल्लाह के बीच सैन्य ऑपरेशन जारी हैं, जिसमें कई लोग मारे गए हैं.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.