अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि ईरान के साथ एक बड़ा समझौता हो गया है और अब हमले रोकने का फैसला लिया गया है. हालांकि ईरान की सरकार ने इन बातों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. इस बीच Gulf देशों में तनाव चरम पर है क्योंकि मिसाइल हमलों और हवाई हमलों की खबरें सामने आ रही हैं.

📰: Trump का ईरान को बड़ा खतरा, तेल और गैस मार्केट पर करेंगे कब्जा, कुवैत और जॉर्डन में गिरे मिसाइल और ड्रोन

Trump का क्या है दावा

Donald Trump ने Truth Social पर जानकारी दी कि उन्होंने ईरान पर होने वाले सैन्य हमलों और बमबारी को रद्द कर दिया है. उन्होंने बताया कि ईरान के शीर्ष नेतृत्व के साथ बातचीत हुई है और अंतिम बिंदुओं पर सहमति बन गई है. इस समझौते में अमेरिका के साथ Israel, Saudi Arabia, UAE, Qatar, Turkey, Pakistan, Bahrain, Kuwait, Jordan और Egypt जैसे देश शामिल हैं. Trump ने यह भी कहा कि जब तक इस सौदे पर अंतिम हस्ताक्षर नहीं हो जाते, तब तक समुद्री नाकाबंदी जारी रहेगी.

ईरान ने दावों को बताया झूठ

ईरान की सरकारी संस्थाओं और IRGC ने Trump के दावों को सिरे से नकार दिया है. Tasnim न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, ईरान ने इन खबरों को पूरी तरह गलत और झूठ बताया है. ईरान का कहना है कि Trump का यह दावा युद्ध से बचने का एक रास्ता मात्र है. ईरान के विदेश मंत्रालय ने हाल ही में हुए अमेरिकी हमलों की निंदा की और कहा कि इन हमलों के बाद युद्धविराम का कोई मतलब नहीं रह गया है. ईरान ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी आक्रामकता का करारा जवाब दिया जाएगा.

Gulf देशों के हालात और सैन्य कार्रवाई

ज़मीनी हालात काफी तनावपूर्ण हैं. US military (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि उन्होंने ईरान के सैन्य निगरानी, संचार प्रणालियों और एयर डिफेंस साइट्स पर हवाई हमले किए हैं. 11 जून 2026 को Kuwait, Bahrain और Jordan ने ईरानी मिसाइलों और ड्रोन को इंटरसेप्ट किया और उन्हें हवा में ही नष्ट कर दिया.

  • Strait of Hormuz: ईरान ने अमेरिकी हमलों के बाद इस समुद्री रास्ते को सभी जहाजों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया है.
  • Qatar की भूमिका: बातचीत के लिए Qatar का एक प्रतिनिधिमंडल Tehran गया था, जो अमेरिका के समन्वय में चर्चा कर रहा था.
  • Pakistan की चिंता: पाकिस्तान ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताई है और सभी पक्षों से युद्धविराम का पालन करने की अपील की है.