अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ एक बड़े समझौते की खबर दी है. ट्रंप का कहना है कि दोनों देशों के बीच एक बेहतरीन सेटलमेंट हो गया है. इस समझौते पर इस वीकेंड या सोमवार तक साइन हो सकते हैं, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट इलाके में शांति की उम्मीद जगी है.
ट्रंप ने क्या जानकारी दी
Donald Trump ने बताया कि ईरान के साथ हुए इस समझौते पर 13-14 जून (वीकेंड) या फिर 15 जून (सोमवार) को हस्ताक्षर हो सकते हैं. उन्होंने इशारा किया कि यह साइनिंग यूरोप में हो सकती है. ट्रंप ने यह भी साफ किया कि बातचीत में अच्छी तरक्की हुई है, इसलिए उन्होंने ईरान पर होने वाले सैन्य हमलों के प्लान को कैंसिल कर दिया है. ट्रंप का दावा है कि जैसे ही समझौते पर साइन होंगे, Strait of Hormuz को फिर से खोल दिया जाएगा.
ईरान की क्या है प्रतिक्रिया
दूसरी तरफ, ईरान की सरकार अभी पूरी तरह सहमत नहीं दिख रही है. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने कहा कि अभी तक कोई आखिरी फैसला नहीं लिया गया है. उन्होंने बताया कि इस समझौते की जांच अभी देश की बड़ी निर्णय लेने वाली संस्थाएं कर रही हैं. वहीं, विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि अमेरिका के साथ सहमति पहले से कहीं ज्यादा करीब है, लेकिन उन्होंने मीडिया से अटकलें न लगाने की अपील की है.
समझौते की मुख्य बातें
- सबसे पहले एक Memorandum of Understanding (MoU) साइन होगा, जिसके बाद 60 दिनों तक बारीकियों पर बातचीत होगी.
- इस डील का मुख्य मकसद ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है.
- ईरान की मांग है कि उस पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध हटाए जाएं और उसकी जमी हुई अरबों डॉलर की संपत्ति वापस मिले.
- इस पूरे मामले में Qatar ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई है ताकि दोनों देश किसी नतीजे पर पहुंच सकें.
- ट्रंप ने इस diplomatic कोशिश के लिए सऊदी अरब, UAE, इजरायल, तुर्की और पाकिस्तान समेत कई देशों के नेताओं से बात की है.
क्या यह डील फेल हो सकती है
भले ही ट्रंप इसे एक बड़ी जीत बता रहे हैं, लेकिन कुछ डिप्लोमेट्स का मानना है कि अभी भी 50% चांस है कि यह डील टूट जाए. कुछ जानकारों का कहना है कि यह एक विस्तृत शांति समझौता नहीं, बल्कि केवल एक शुरुआती समझौता (MoU) हो सकता है जिसमें बुनियादी बातों पर सहमति जताई गई हो.
