अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के खिलाफ जारी नाकाबंदी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि ईरान की घेराबंदी जारी रहेगी और अमेरिका इसके लिए पूरी तरह तैयार है। यह खबर ऐसे समय में आई है जब दोनों देशों के बीच युद्धविराम खत्म होने वाला है और खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है।

ईरान की नाकाबंदी और अमेरिकी कार्रवाई की क्या है सच्चाई?

अमेरिकी नौसेना ने 13 अप्रैल 2026 से ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी शुरू कर दी थी। US Central Command के मुताबिक अब तक 28 जहाजों को वापस लौटने या पोर्ट पर जाने का निर्देश दिया गया है। हाल ही में Touska नाम के एक ईरानी जहाज को ओमान की खाड़ी में पकड़ा गया क्योंकि वह नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहा था। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि यह नाकाबंदी सिर्फ ईरानी बंदरगाहों के लिए है और दूसरे देशों के जहाजों को रास्ता दिया जाएगा।

नए प्रतिबंध और युद्धविराम पर Trump ने क्या कहा?

अमेरिका ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन प्रोग्राम से जुड़े 14 लोगों और संस्थाओं पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। इसमें Mahan Air के दो विमानों को भी जब्त किया गया है। राष्ट्रपति Trump ने आरोप लगाया कि ईरान ने युद्धविराम के नियमों का कई बार उल्लंघन किया है। हालांकि, पाकिस्तान के अनुरोध पर उन्होंने समय सीमा बढ़ाने का फैसला किया ताकि ईरान कोई ठोस प्रस्ताव ला सके। Trump ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही कोई समझौता नहीं हुआ तो सैन्य कार्रवाई शुरू होगी और भारी बमबारी हो सकती है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और अन्य देशों पर असर

यूरोपीय संघ ने भी ईरान के खिलाफ प्रतिबंध बढ़ाने का फैसला किया है। Treasury Secretary Scott Bessent ने कहा कि ईरान को वैश्विक ऊर्जा बाजारों के साथ छेड़छाड़ के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा। इस मामले में तुर्की और UAE की कुछ संस्थाओं पर भी प्रतिबंध लगे हैं क्योंकि वे ईरान की हथियार खरीद में मदद कर रहे थे। वहीं ईरान के विदेश मंत्रालय ने अभी तक शांति वार्ता में शामिल होने पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.