अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के खिलाफ बहुत सख्त कदम उठाने का मन बनाया है। उन्होंने अपने सहायकों को ईरान के बंदरगाहों की लंबी घेराबंदी (Blockade) करने की तैयारी करने को कहा है। इस रणनीति का मुख्य मकसद ईरान की अर्थव्यवस्था पर दबाव बनाना और वहां से होने वाले तेल के निर्यात को पूरी तरह रोकना है।

ईरान की घेराबंदी और Strait of Hormuz का क्या हाल है?

Donald Trump ने कहा कि ईरान इस समय पूरी तरह से ढहने की स्थिति में है। उन्होंने Strait of Hormuz को दोबारा खोलने की मांग की और यह साफ कर दिया कि ईरान को किसी भी हाल में परमाणु हथियार नहीं बनाने दिए जाएंगे। अमेरिकी Treasury विभाग ने सख्त चेतावनी जारी की है कि जो कंपनियां Strait of Hormuz से गुजरने के लिए ईरान की सरकार या IRGC को पैसा (tolls) देंगी, उन पर भारी प्रतिबंध लगाए जाएंगे। अमेरिकी सेना ने पहले ही दर्जनों जहाजों का रास्ता बदलकर उन्हें ब्लॉकेड एरिया से दूर भेजा है।

Sanctions की मार और चीन की रिफाइनरी पर असर

अमेरिकी Treasury Secretary Scott Bessent और उनके विभाग ने ईरान के गुप्त वित्तीय नेटवर्क पर शिकंजा कसा है। 28 अप्रैल 2026 को अमेरिका ने 35 ऐसी संस्थाओं और लोगों पर प्रतिबंध लगाए जो ईरान के बैंकिंग सिस्टम और आतंकवाद को पैसा पहुंचाने में मदद कर रहे थे। इसमें चीन की छोटी रिफाइनरियां (teapot refineries) भी शामिल हैं जो ईरान से तेल खरीद रही थीं। चीन ने इन एकतरफा प्रतिबंधों का विरोध किया है, लेकिन अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है कि डॉलर सिस्टम का गलत इस्तेमाल करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

ईरान का जवाब और देश के अंदर के हालात

ईरान की सरकारी प्रवक्ता Fatemeh MoHajjerani ने कहा कि ईरान अब खाड़ी के बंदरगाहों के बजाय उत्तर, पूर्व और पश्चिम के व्यापारिक रास्तों का इस्तेमाल कर रहा है ताकि सामान की आवाजाही चलती रहे। ईरान में हालात काफी तनावपूर्ण हैं और वहां इंटरनेट पिछले 61 दिनों से बंद है। आर्थिक तंगी की वजह से ईरान ने जरूरी सामान मंगवाने के लिए अपने विदेशी मुद्रा भंडार (sovereign wealth reserves) से पैसा निकालना शुरू कर दिया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ क्या योजना बनाई है?

Trump ने ईरान के बंदरगाहों की लंबी घेराबंदी करने का आदेश दिया है ताकि ईरान का तेल निर्यात रुक जाए और उसकी अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़े।

ईरान इस आर्थिक दबाव का सामना कैसे कर रहा है?

ईरान अब उत्तर, पूर्व और पश्चिम के वैकल्पिक व्यापारिक रास्तों का उपयोग कर रहा है और जरूरी आयात के लिए अपने विदेशी मुद्रा भंडार का इस्तेमाल कर रहा है।