Trump का ईरान पर बड़ा दावा, कहा नेतृत्व में है बड़ी फूट, युद्ध रोकने के लिए बढ़ाया सीज़फ़ायर का समय

US President Donald Trump ने ईरान के साथ सीज़फ़ायर की अवधि को आगे बढ़ाने का फैसला किया है. ट्रंप का कहना है कि ईरान की सरकार के अंदरूनी गुटों में भारी फूट पड़ी हुई है. इस फैसले का मकसद ईरान के नेताओं को शांति बातचीत के लिए एक साझा प्रस्ताव तैयार करने का समय देना है.

सीज़फ़ायर और ट्रंप के दावों का क्या है सच?

डोनाल्ड ट्रंप ने 22 अप्रैल 2026 को सीज़फ़ायर बढ़ाने की घोषणा की. यह कदम पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद उठाया गया. ट्रंप का मानना है कि ईरान का नेतृत्व फिलहाल बिखरा हुआ है. दूसरी तरफ, ईरान ने इन दावों को पूरी तरह गलत बताया और इसे अमेरिका का प्रोपेगेंडा करार दिया है. ईरान के अधिकारियों का कहना है कि उनके देश में पहले से ज़्यादा एकता है.

ईरान के अंदर सत्ता की लड़ाई और नए चेहरे

ईरान में सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद सत्ता का केंद्र अब Supreme National Security Council (SNSC) बन गया है. अब IRGC (क्रांतिकारी गार्ड) की ताकत काफी बढ़ गई है. खबर है कि IRGC कमांडर अहमद वहिदी और संसद स्पीकर मोहम्मद बागर गालेबाफ के बीच पावर स्ट्रगल चल रहा है. नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei अभी तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं, जिससे उनकी भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं.

Strait of Hormuz में क्या स्थिति है?

सीज़फ़ायर के बावजूद अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखी है. रिपोर्ट के मुताबिक, सीज़फ़ायर की घोषणा के बाद ईरान ने Strait of Hormuz में दो जहाजों पर हमला किया और दो अन्य को ज़ब्त कर लिया. ईरान के विदेश मंत्री ने पहले कहा था कि रास्ता खुलेगा, लेकिन बाद में सेना ने इसे फिर से बंद कर दिया. अमेरिका ने इस दौरान अपने हथियारों के स्टॉक को भी फिर से भरने का काम किया है.