अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ युद्धविराम की कोशिशों को लेकर एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि ईरान के साथ शांति समझौता अब ICU यानी लाइफ सपोर्ट पर है. ट्रंप ने ईरान की तरफ से आए नए प्रस्ताव को पूरी तरह से खारिज कर दिया है, जिससे पूरी दुनिया में तनाव का माहौल बन गया है.

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ईरान और अमेरिका के बीच क्या है विवाद

ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को अपना एक आधिकारिक प्रस्ताव भेजा था. इस प्रस्ताव में ईरान ने कुछ बड़ी शर्तें रखी थीं जैसे:

  • अमेरिका युद्ध के नुकसान का हर्जाना दे.
  • Strait of Hormuz पर ईरान का पूरा अधिकार हो.
  • ईरान पर लगे सभी अमेरिकी प्रतिबंध हटाए जाएं.
  • जब्त की गई ईरानी संपत्ति वापस की जाए.

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया और इसे ठुकरा दिया.

इजराइल और अन्य देशों की क्या है प्रतिक्रिया

इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने 11 मई को साफ किया कि युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है. उन्होंने ईरान के परमाणु केंद्रों और मिसाइलों को लेकर अपनी चिंता जताई है. वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने इस बात पर निराशा जताई कि उनके सहयोगी देश ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में उनका साथ नहीं दे रहे हैं.

क्षेत्र में बढ़ते तनाव और अगली रणनीति

पिछले 24 घंटों में स्थिति और बिगड़ गई है. Strait of Hormuz के पास गोलाबारी हुई है और अमेरिकी विमानों ने ईरानी टैंकरों पर हमला किया है. साथ ही इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच लड़ाई भी तेज हो गई है. इस संकट को सुलझाने के लिए Donald Trump 14 और 15 मई को चीन जाएंगे, जहां वे राष्ट्रपति Xi Jinping से मुलाकात कर ईरान पर दबाव बनाने की कोशिश करेंगे.

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने अमेरिका से क्या मांग की थी

ईरान ने युद्ध के हर्जाने, हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर पूर्ण संप्रभुता, प्रतिबंधों को हटाने और अपनी जब्त संपत्ति वापस करने की मांग की थी.

डोनाल्ड ट्रंप चीन क्यों जा रहे हैं

ट्रंप 14-15 मई को चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping से मिलेंगे ताकि चीन के जरिए ईरान पर दबाव बनाया जा सके और वह कुछ रियायतें दे.