अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump इस समय चीन की राजधानी Beijing में हैं और वहां राष्ट्रपति Xi Jinping के साथ मीटिंग कर रहे हैं. खबरों के मुताबिक, जैसे ही ट्रंप चीन से वापस आएंगे, वे ईरान के खिलाफ अपना अगला बड़ा कदम उठा सकते हैं. ईरान और अमेरिका के बीच तनाव इतना बढ़ गया है कि अब दुनिया भर में सैन्य कार्रवाई की चर्चा शुरू हो गई है.

ईरान और अमेरिका के बीच विवाद की असली वजह क्या है?

Donald Trump का मुख्य मकसद यह है कि ईरान किसी भी हाल में परमाणु हथियार न बना पाए. उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि यह उनके लिए सबसे जरूरी मुद्दा है. अमेरिका ने ईरान के साथ विवाद खत्म करने के लिए एक समझौता (MOU) भेजा था, लेकिन ईरान ने या तो उसे ठुकरा दिया है या अभी उसकी जांच कर रहा है. ट्रंप ने ईरान के जवाब को बिल्कुल गलत बताया है और चेतावनी दी है कि अगर उनकी शर्तें नहीं मानी गईं, तो अमेरिका इस काम को खत्म करेगा, जिसका मतलब दोबारा बमबारी करना भी हो सकता है.

चीन का रोल और आम लोगों की जेब पर असर

अमेरिका का मानना है कि ईरान के फैसलों पर चीन का काफी प्रभाव है, इसीलिए ट्रंप इस हाई-प्रोफाइल मीटिंग के लिए Beijing गए हैं. इस तनाव का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है. ईरान द्वारा Strait of Hormuz को बंद करने से ग्लोबल ऑयल सप्लाई बिगड़ गई है. इसकी वजह से अमेरिका में पेट्रोल की कीमत 4.50 डॉलर प्रति गैलन से ऊपर चली गई है और खाने-पीने की चीजें महंगी हो गई हैं. हालांकि, ट्रंप के साथ उनके साथी JD Vance ने इस बात पर अलग राय रखी है कि ट्रंप को आम अमेरिकियों की आर्थिक स्थिति की चिंता नहीं है.

सैन्य कार्रवाई की संभावना और ताजा अपडेट

  • Trump 14 और 15 मई 2026 तक चीन में रहेंगे.
  • 12 मई को ट्रंप ने अपनी नेशनल सिक्योरिटी टीम के साथ ईरान पर सैन्य हमले की संभावना पर चर्चा की थी.
  • रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप चीन से लौटने से पहले किसी सैन्य हमले को मंजूरी नहीं देंगे.
  • पाकिस्तान भी इस पूरे मामले में बीच-बचाव करने की कोशिश कर रहा है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

ट्रंप चीन जाने के बाद ईरान के साथ क्या कर सकते हैं?

खबरों के मुताबिक, ट्रंप चीन से लौटने के बाद ईरान पर सैन्य कार्रवाई कर सकते हैं या दबाव बढ़ा सकते हैं, क्योंकि वे ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना चाहते हैं.

इस विवाद का तेल की कीमतों पर क्या असर पड़ा है?

ईरान द्वारा Strait of Hormuz बंद करने से तेल की सप्लाई कम हुई है, जिससे अमेरिका में पेट्रोल के दाम 4.50 डॉलर प्रति गैलन के पार चले गए हैं और महंगाई बढ़ी है.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com