अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने ईरानी अधिकारियों से सीधे बात की है, जिसमें उन्होंने अमेरिकी बमबारी रोकने की गुहार लगाई थी। वहीं दूसरी तरफ ईरान ने इस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है और इसे कोरा झूठ बताया है। इस जुबानी जंग के बीच अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमलों का दूसरा दौर भी शुरू कर दिया है जिससे खाड़ी क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है।

ट्रंप ने बातचीत को लेकर क्या दावा किया और ईरान का क्या है कहना?

डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में बताया कि ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों ने सिचुएशन रूम में उनसे सीधे संपर्क किया था। ट्रंप के मुताबिक, ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका से बमबारी रोकने की मांग की थी क्योंकि अमेरिकी लड़ाकू विमान ईरान के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में रडार और हवाई रक्षा प्रणालियों को नष्ट कर रहे थे। ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी कि अगर ईरान समझौते पर दस्तखत नहीं करता है, तो और ज्यादा बमबारी की जाएगी।

इसके विपरीत, ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी ने एक जानकार सूत्र के हवाले से कहा कि ट्रंप का यह दावा पूरी तरह से मनगढ़ंत है। ईरान ने साफ किया है कि दोनों पक्षों के बीच कोई सीधी बातचीत नहीं हुई है और ईरान किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है।

तनाव बढ़ने की असली वजह क्या है और अब तक क्या हुआ?

यह पूरा विवाद तब और गहरा गया जब अमेरिका ने 10 जून 2026 की रात को ईरान पर हवाई हमलों की दूसरी लहर शुरू कर दी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इन हमलों को आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बताया है। यह कार्रवाई 9 जून को ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर एक अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराने के बाद शुरू हुई थी।

  • अपाचे हेलीकॉप्टर पर हमला: 9 जून को ईरान ने अमेरिका का एक हेलीकॉप्टर मार गिराया था, जिसके बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई शुरू की।
  • ईरानी राष्ट्रपति का बयान: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने ट्रंप की धमकियों की आलोचना करते हुए कहा कि उनका देश किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा।
  • अंतरराष्ट्रीय एजेंसी का फैसला: अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने भी अमेरिका के समर्थन वाले एक प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिसमें ईरान से अपने यूरेनियम भंडार की जानकारी देने को कहा गया है। ईरान ने इस प्रस्ताव को बातचीत में बाधा बताया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच बातचीत को लेकर क्या विवाद है?

डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरानी अधिकारियों ने उनसे सीधे फोन पर बात कर बमबारी रोकने की गुहार लगाई थी, जबकि ईरान ने इस दावे को पूरी तरह झूठा और मनगढ़ंत करार दिया है।

अमेरिका ने ईरान पर हाल ही में हमले क्यों किए?

अमेरिका ने 9 जून को होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर अपना एक अपाचे हेलीकॉप्टर मार गिराए जाने के जवाब में ईरान पर लगातार हवाई हमले किए हैं।

इस तनाव पर ईरानी राष्ट्रपति की क्या प्रतिक्रिया है?

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा है कि ईरान अमेरिकी दबाव के आगे नहीं झुकेगा और ट्रंप की धमकियां वाशिंगटन की निराशा को बयां करती हैं।