अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान पर बड़े हमले की चेतावनी दी थी, जिससे पूरी दुनिया में खलबली मच गई। इसी बीच अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई, जिसके बाद भारत सरकार ने अमेरिका के खिलाफ कड़ा विरोध जताया है।
Trump की धमकी और हमलों का घटनाक्रम
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी थी कि अमेरिका ईरान पर बहुत जोरदार हमला करेगा। उन्होंने Truth Social पर यह भी कहा कि भविष्य में अमेरिका ईरान के Kharg Island और वहां के तेल बुनियादी ढांचे पर कब्जा कर सकता है ताकि तेल और गैस बाजार पर नियंत्रण रखा जा सके। हालांकि, बाद में Trump ने इन हमलों को रद्द कर दिया और कहा कि एक शांति समझौते के अंतिम बिंदुओं को मंजूरी मिल गई है।
इससे पहले 11 जून 2026 की सुबह अमेरिकी सेना ने ईरान पर हवाई हमले किए थे। इन हमलों में ईरान की सैन्य निगरानी क्षमता, संचार प्रणाली और हवाई रक्षा स्थलों को निशाना बनाया गया।
ईरान का कड़ा जवाब और चेतावनी
ईरान की संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि गलत रणनीतियों और जल्दबाजी में लिए गए फैसलों से पूरी स्थिति और खराब हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे ऊर्जा बुनियादी ढांचे और बाजारों में तबाही आएगी और दुनिया एक अलग ईरान देखेगी।
ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री ने साफ तौर पर कहा कि अमेरिका के हालिया हमलों ने पहले हुए ceasefire यानी युद्धविराम समझौते को पूरी तरह खत्म कर दिया है।
भारतीय नाविकों की मौत और भारत का विरोध
इस सैन्य संघर्ष का असर भारतीय नागरिकों पर भी पड़ा है। ओमान के तट पर अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन्स के दौरान तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई। इस घटना के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए अमेरिकी डिप्टी चीफ ऑफ मिशन को तलब किया और अपनी नाराजगी जाहिर की।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और नुकसान
संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव António Guterres ने अमेरिकी-इजरायली ऑपरेशन्स की निंदा करते हुए कहा कि इससे कूटनीति का मौका हाथ से निकल गया। UN स्पेशल रैपोर्टर Ben Saul ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय अपराध करार दिया है।
पश्चिम एशिया में चल रहे इस संघर्ष के चौथे हफ्ते तक 2,000 से ज्यादा आम नागरिकों की मौत हो चुकी है। वहीं, ईरान ने Strait of Hormuz को सभी यातायात के लिए बंद करने का दावा किया, जिसे अमेरिका के CENTCOM ने गलत बताया।
