अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है. ईरान ने शांति के लिए नया प्रस्ताव भेजा था, लेकिन राष्ट्रपति Donald Trump इससे खुश नहीं हैं. हालात इतने खराब हैं कि एक तरफ बातचीत की कोशिशें चल रही हैं, तो दूसरी तरफ समुद्र में दोनों देशों की सेनाओं के बीच सीधी झड़पें शुरू हो गई हैं.
क्या ईरान के ऑफर से ट्रंप संतुष्ट हैं?
ईरान ने 1 मई 2026 को शांति योजना के ड्राफ्ट पर अपना जवाब अमेरिका को भेजा था. राष्ट्रपति Trump ने 2 मई को इस प्रस्ताव की समीक्षा की, लेकिन उन्हें यह पसंद नहीं आया. 5 मई को उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वह ईरान की पेशकश से संतुष्ट नहीं हैं. Axios की एक रिपोर्ट के मुताबिक, Trump अब ‘नो डील, नो वॉर’ की स्थिति से तंग आ चुके हैं. एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने यहाँ तक कह दिया कि अगर जल्द ही कोई ठोस समझौता नहीं हुआ, तो ट्रंप ईरान पर भारी बमबारी कर सकते हैं.
समुद्र में क्या हुआ और ‘Project Freedom’ क्या है?
तनाव इतना बढ़ गया कि 3 मई 2026 को ट्रंप प्रशासन ने ‘Project Freedom’ की घोषणा की. इसका मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों को सुरक्षित निकालना था. इसी दौरान दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव हुआ:
- 5 मई 2026 को अमेरिकी युद्धपोतों ने ईरान की क्रूज मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही मार गिराया.
- अमेरिकी सेना के Apache हेलीकॉप्टरों ने ईरान की 6 सैन्य स्पीडबोट्स को डुबो दिया.
- ट्रंप ने पहले ईरान के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था जिसमें ब्लॉकेड रास्ते खोलने के बदले परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा टालने की बात कही गई थी.
बातचीत की क्या स्थिति है?
सैन्य कार्रवाई के बावजूद पर्दे के पीछे बातचीत अभी भी जारी है. ट्रंप के दूत Jared Kushner और Steve Witkoff लगातार ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi के साथ संपर्क में हैं और प्रस्तावों का आदान-प्रदान कर रहे हैं. हालांकि, दोनों देशों की शर्तों में अभी भी बहुत बड़ा अंतर है, जिसकी वजह से कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पा रहा है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या ट्रंप ने ईरान के नए ऑफर की वजह से युद्ध टाल दिया है?
नहीं, ट्रंप ने ईरान के ऑफर पर अपनी नाराजगी जताई है. हालांकि कूटनीतिक बातचीत जारी है, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर संतोषजनक डील नहीं हुई तो सैन्य कार्रवाई की जा सकती है.
Project Freedom क्या है?
यह अमेरिकी प्रशासन द्वारा 3 मई 2026 को शुरू किया गया एक अभियान है, जिसका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को सुरक्षित रास्ता देना और ईरान के हस्तक्षेप को रोकना है.