अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने बातचीत के दौरान ईरान को बुरी तरह हराया है। ट्रंप ने यह भी बताया कि वह ईरान पर सैन्य हमला करने वाले थे, लेकिन खाड़ी देशों के अनुरोध पर इसे टाल दिया गया।

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ट्रंप ने ईरान पर हमले का फैसला क्यों बदला?

President Trump ने बताया कि सोमवार 18 मई को वह ईरान पर हमले का आदेश देने से बस एक घंटा दूर थे। मंगलवार 19 मई को भी हमले की योजना थी, लेकिन सऊदी अरब, कतर और UAE जैसे खाड़ी देशों के नेताओं ने बातचीत के लिए और समय मांगा। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही शांति समझौता नहीं हुआ, तो अगले दो-तीन दिनों में फिर से बड़े हमले हो सकते हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देगा।

ईरान ने अमेरिका को क्या जवाब दिया?

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने चेतावनी दी है कि अगर हमला हुआ, तो यह युद्ध पूरे क्षेत्र से बाहर फैल जाएगा। ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने कहा कि ईरान किसी भी सैन्य हमले का सामना करने के लिए तैयार है और उनके लिए समर्पण का कोई मतलब नहीं है। ईरान ने अपनी कुछ शर्तें रखी हैं, जिनमें यूरेनियम संवर्धन का अधिकार, अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाना और फ्रीज किए गए ईरानी एसेट्स को वापस करना शामिल है।

क्या अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होगा?

उप राष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत में काफी तरक्की हुई है और कोई भी फिर से युद्ध नहीं चाहता। इस पूरी बातचीत में पाकिस्तान बीच-बचाव करने वाले देश के रूप में काम कर रहा है। हालांकि, ईरान के अधिकारियों और जानकारों के बीच इस बात पर बहस चल रही है कि ट्रंप की हमले की धमकी सिर्फ एक चाल है या वे वास्तव में हमला करने की तैयारी कर रहे हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ट्रंप ने ईरान के बारे में क्या दावा किया?

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने बातचीत में ईरान को बुरी तरह हराया है और वे उनकी स्थिति से काफी मजबूत हैं।

ईरान की मुख्य मांगें क्या हैं?

ईरान चाहता है कि अमेरिका यूरेनियम संवर्धन के उसके अधिकार को माने, नौसैनिक नाकेबंदी हटाए और जमा किए गए ईरानी पैसों को वापस करे।