अमेरिका के उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस ने साफ कर दिया है कि ईरान के साथ बातचीत तब तक चलती रहेगी जब तक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा दी गई समय सीमा खत्म नहीं हो जाती। ट्रम्प ने ईरान को मंगलवार, 7 अप्रैल 2026 की रात 8 बजे तक का समय दिया है। यह समय सीमा खाड़ी क्षेत्र और पूरी दुनिया के लिए बहुत अहम है क्योंकि इसका सीधा असर तेल की सप्लाई और समुद्री रास्तों पर पड़ सकता है। ट्रम्प ने साफ लहजे में कहा है कि अगर ईरान बात नहीं मानता है तो वह ईरान के बुनियादी ढांचे जैसे पुलों और बिजली घरों को निशाना बनाएंगे।

ट्रम्प की डेडलाइन और हमले की तैयारी से जुड़ी बड़ी बातें

ट्रम्प ने इस मंगलवार को ईरान के लिए पावर प्लांट डे और ब्रिज डे करार दिया है। अमेरिका की सबसे बड़ी शर्त यह है कि ईरान जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz को व्यापारिक जहाजों के लिए पूरी तरह से खोल दे। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और खास तौर पर भारत जाने वाले जहाजों के लिए यह रास्ता बहुत जरूरी है। इस तनाव से जुड़ी कुछ खास बातें इस प्रकार हैं:

  • डेडलाइन का समय: मंगलवार, 7 अप्रैल 2026, रात 8:00 बजे (ईस्टर्न टाइम)।
  • अमेरिका का लक्ष्य: तेल और सामान की आवाजाही के लिए समुद्री रास्ते को सुरक्षित बनाना।
  • हमले की धमकी: ट्रम्प ने पुल और बिजली घरों पर हमला करने की स्पष्ट चेतावनी दी है।
  • बातचीत का जरिया: पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की इस मामले में मध्यस्थता कर रहे हैं।

क्या निकल पाएगा कोई शांति का रास्ता?

ईरान ने फिलहाल किसी भी अस्थायी युद्धविराम को मानने से इनकार कर दिया है। वह चाहता है कि अमेरिका उस पर लगी पाबंदियां हटाए और युद्ध का हर्जाना दे। पाकिस्तान ने एक 45 दिनों के युद्धविराम का सुझाव दिया है जिसे ‘इस्लामाबाद समझौता’ कहा जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि आम जनता के काम आने वाले बिजली घरों या पुलों पर हमला करना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है, लेकिन ट्रम्प ने कहा है कि वह इसकी परवाह नहीं करते।

पक्ष मुख्य मांग और स्थिति
अमेरिका (डोनाल्ड ट्रम्प) Strait of Hormuz को तुरंत और पूरी तरह खोलना होगा
ईरान पाबंदियां हटे और युद्ध का हर्जाना मिले
पाकिस्तान (मध्यस्थ) 45 दिनों की शांति और फिर पक्का समझौता
ताजा स्थिति मलेशियाई जहाज को ईरान ने बातचीत के बाद छोड़ा

ट्रम्प ने सोमवार को संकेत दिए थे कि ईरान अच्छी नीयत से बातचीत कर रहा है और उनके शांति प्रस्ताव में कुछ सकारात्मक कदम हैं, लेकिन वे अभी समझौते के लिए काफी नहीं हैं। खाड़ी में रहने वाले लोगों के लिए अगले कुछ घंटे काफी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इस फैसले से क्षेत्र की सुरक्षा और व्यापार पर बड़ा असर पड़ेगा।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com