अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बहुत बड़ी खबर दी है। उन्होंने बताया कि ईरान के साथ युद्ध को खत्म करने के लिए एक बड़ा समझौता हो गया है। इस समझौते पर इस आने वाले वीकेंड में यूरोप में साइन हो सकते हैं। ट्रम्प ने यह भी साफ किया कि उन्होंने ईरान पर होने वाले सैन्य हमलों को रोक दिया है।
समझौते की मुख्य बातें
US प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस समझौते के तहत Strait of Hormuz को फिर से खोला जाएगा और अमेरिका ईरान की नाकाबंदी हटा लेगा। ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करेगा और संवर्धित यूरेनियम को देश से बाहर भेजेगा। इसके बदले में ईरान को कुछ प्रतिबंधों से राहत दी जाएगी। यह डील ‘परफॉरमेंस बेस्ड’ होगी, जिसका मतलब है कि ईरान को उसके जाम किए हुए पैसे तभी मिलेंगे जब वह अपनी सभी शर्तों को पूरा कर लेगा। परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने के लिए तकनीकी बातचीत साइनिंग के 60 दिनों बाद शुरू होगी।
ईरान और अमेरिका के बीच बयानों की जंग
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसियों IRNA और Mehr News ने दावा किया कि समझौते में ईरान को 24 अरब डॉलर वापस मिलेंगे और वह अपने शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम को जारी रख सकेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि ईरान Strait of Hormuz का नियंत्रण नहीं छोड़ेगा। हालांकि, Donald Trump ने इन खबरों को “Fake News” बताया है। उन्होंने कहा कि इन बातों का असल लिखित समझौते से कोई लेना-देना नहीं है और ईरान के लोगों के साथ डील करना बहुत मुश्किल है।
पाकिस्तान और इसराइल का रुख
इस पूरे मामले में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने एक अहम मध्यस्थ की भूमिका निभाई है। उन्होंने 12 जून को बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच एक अंतिम टेक्स्ट तैयार हो गया है और अब अगले कदमों पर काम चल रहा है। इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने शुरू में इस खबर पर हैरानी जताई थी, लेकिन ट्रम्प से बात करने के बाद उन्होंने इस समझौते का समर्थन किया। इसराइल चाहता है कि ईरान अपने परमाणु बुनियादी ढांचे को खत्म करे और आतंकी गुटों की मदद बंद करे।
शेयर बाज़ार में आई तेज़ी
युद्ध खत्म होने की उम्मीद और सैन्य हमलों के रद्द होने की खबर से दुनिया भर के बाज़ारों में खुशी देखी गई। 12 जून को वॉल स्ट्रीट और एशियाई शेयर बाज़ारों में भारी उछाल आया। निवेशकों को उम्मीद है कि अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच तनाव कम होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था को फायदा होगा।
