अमेरिका और ईरान के बीच एक संभावित समझौते को लेकर तनाव फिर से बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने समझौते के लिए कड़ी शर्तें रखने का दावा किया है, जिसे ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईरानी सूत्रों ने इसे अमेरिका की ओर से एक नकली जीत दिखाने की कोशिश बताया है। दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण माहौल में बातचीत अभी भी अंतिम दौर में फंसी हुई है और कोई अंतिम फैसला नहीं हो पाया है।

ट्रंप ने क्या शर्तें रखीं और ईरान ने क्यों किया इनकार?

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर बताया कि वह ईरान के साथ समझौते पर अंतिम फैसला लेने के लिए सिचुएशन रूम में बैठक कर रहे हैं। ट्रंप ने शर्तें रखीं कि ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा, हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बिना किसी शुल्क के तुरंत खोलेगा और अपने समृद्ध यूरेनियम को नष्ट करेगा। इसके बदले में अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी को हटा लेगा।

ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने इन शर्तों को पूरी तरह खारिज करते हुए इन्हें सच और झूठ का मिलाजुला रूप बताया है। ईरानी सूत्रों का कहना है कि समझौते के मसौदे में ऐसी कोई शर्त नहीं है जिसमें हॉर्मुज जलडमरूमध्य को मुफ्त में खोलने या यूरेनियम नष्ट करने की बात लिखी हो। ईरान का कहना है कि वे अमेरिका द्वारा रोकी गई अपनी 12 अरब डॉलर ($12 billion) की संपत्ति को तुरंत जारी करने की मांग कर रहे हैं और इसके बिना आगे बातचीत नहीं होगी।

सीजफायर समझौते और सैन्य तनाव की वर्तमान स्थिति

अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि 60 दिनों के युद्धविराम (ceasefire) को बढ़ाने के लिए एक सहमति पत्र (MoU) तैयार हुआ है, लेकिन इस पर राष्ट्रपति ट्रंप की अंतिम मंजूरी का इंतजार है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि दोनों देश समझौते के बेहद करीब हैं लेकिन अभी पूरी तरह से सहमति नहीं बनी है।

इस बातचीत के बीच जमीन पर सैन्य संघर्ष भी देखने को मिला है। हाल ही में अमेरिकी सेना ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक ईरानी ड्रोन ठिकाने पर हमला किया था। इसके जवाब में ईरानी गार्ड्स ने कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य बेस को निशाना बनाया है। ईरान के मुख्य वार्ताकार ने साफ किया है कि उन्हें अमेरिका की बातों पर नहीं बल्कि उनके द्वारा उठाए जाने वाले कदमों पर भरोसा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो गया है?

नहीं, अभी समझौता पूरी तरह से तय नहीं हुआ है। दोनों देशों के बीच 60 दिनों के सीजफायर को बढ़ाने पर सहमति बनी है, लेकिन इस पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अंतिम मंजूरी मिलना अभी बाकी है।

ईरान इस समझौते के बदले क्या मांग कर रहा है?

ईरान की मुख्य मांग है कि उसकी फ्रीज की गई 12 अरब डॉलर की संपत्ति को तुरंत जारी किया जाए। ईरान का कहना है कि इस फंड के मिलने के बाद ही बातचीत आगे बढ़ेगी।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.