अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ एक बड़े समझौते की उम्मीद जताई है. उन्होंने कहा है कि बातचीत के जरिए मामला सुलझने के बहुत अच्छे मौके हैं. Trump ने साफ किया कि वह बमबारी के बजाय डील करना ज्यादा पसंद करेंगे ताकि शांति बनी रहे.

🗞️: Baku में सऊदी अरब की धाक, Jeddah Municipality ने पेश किए अपने बड़े प्रोजेक्ट्स, पूरी दुनिया देख रही है विकास

Gulf देशों के कहने पर क्यों रुका अमेरिका का हमला?

खबरों के मुताबिक, Donald Trump ने ईरान पर होने वाले एक सैन्य हमले को टाल दिया है. यह हमला मंगलवार को होना था, लेकिन सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस, कतर के अमीर और UAE के राष्ट्रपति ने इसे रोकने की विनती की थी. इन नेताओं चाहते थे कि हमले के बजाय बातचीत का रास्ता अपनाया जाए ताकि क्षेत्र में तनाव न बढ़े.

Trump ने ईरान की सैन्य ताकत के बारे में क्या दावा किया?

  • Trump ने कहा कि अमेरिका के ऑपरेशन्स से ईरान की वायुसेना और नौसेना काफी कमजोर हो गई है.
  • उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की समुद्री नाकाबंदी (blockade) इतनी मजबूत कर दी है कि एक भी जहाज उसे पार नहीं कर पाया.
  • उनका मानना है कि ईरान के लिए अपनी सैन्य ताकत को फिर से खड़ा करना अब एक बड़ी चुनौती होगी.

समझौते के लिए अमेरिका की क्या शर्त है?

राष्ट्रपति Trump ने यह साफ कर दिया है कि कोई भी समझौता तभी फाइनल होगा जब ईरान अपनी शर्तों को लिखित में देगा. उन्होंने कहा कि ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी सभी प्रतिबद्धताएं लिखित रूप में देनी होंगी. इसके बिना कोई भी डील पूरी नहीं मानी जाएगी.

Frequently Asked Questions (FAQs)

Trump ने ईरान पर हमला क्यों नहीं किया?

सऊदी अरब, कतर और UAE के नेताओं ने अनुरोध किया था कि सैन्य हमले के बजाय बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाए, जिसे मानकर Trump ने हमला टाल दिया.

ईरान के साथ समझौते के लिए मुख्य शर्त क्या है?

Donald Trump ने शर्त रखी है कि ईरान को अपने परमाणु हथियारों और प्रोग्राम से जुड़ी सभी प्रतिबद्धताएं लिखित रूप में देनी होंगी.