अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया है कि अगर ईरान के साथ होने वाला समझौता इस्लामाबाद में तय और साइन होता है, तो वह खुद वहां जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि बातचीत अब सही दिशा में जा रही है और ईरान पहले के मुकाबले कई अहम मुद्दों पर सहमति दिखा रहा है। हालांकि, उनकी यात्रा इस बात पर निर्भर करेगी कि समझौता अंतिम रूप ले ले और आधिकारिक प्रोग्राम तय हो जाए।

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पाकिस्तान की क्या भूमिका है और अब तक क्या हुआ?

पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच बीच-बचाव का काम कर रहा है। पाकिस्तानी सेना प्रमुख Field Marshal Asim Munir ने कठिन मुद्दों को सुलझाने में बड़ी सफलता पाई है। इस्लामाबाद में बातचीत का पहला दौर 12 अप्रैल 2026 को खत्म हुआ था। अब उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में बातचीत का दूसरा दौर शुरू होगा ताकि युद्ध को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

परमाणु कार्यक्रम और युद्धविराम को लेकर क्या विवाद है?

सबसे बड़ा झगड़ा ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर है। अमेरिका चाहता है कि ईरान यूरेनियम संवर्धन को पूरी तरह रोके, जबकि ईरान चाहता है कि उस पर लगे प्रतिबंध हटाए जाएं। फिलहाल 22 अप्रैल 2026 तक के लिए युद्धविराम लागू है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें यकीन नहीं है कि इस समय युद्धविराम को बढ़ाने की ज़रूरत है क्योंकि बातचीत अब अंतिम दौर में है।

ईरान-अमेरिका विवाद और बातचीत की मुख्य बातें

विवरण जानकारी
युद्धविराम की आखिरी तारीख 22 अप्रैल, 2026
प्रमुख मध्यस्थ देश पाकिस्तान (Field Marshal Asim Munir)
अमेरिकी मुख्य वार्ताकार उपराष्ट्रपति JD Vance
परमाणु सामग्री विवाद 450 किलोग्राम समृद्ध यूरेनियम
हमले की शुरुआत 28 फरवरी, 2026 (अमेरिका और इज़राइल द्वारा)
वार्ता का स्थान इस्लामाबाद, पाकिस्तान
ईरान की मांग प्रतिबंधों को हटाना
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.