अमेरिका के राष्ट्रपति Trump और ईरान के बीच संभावित समझौते की खबरों ने दुनिया में हलचल मचा दी है। इस खबर से इजराइल काफी चिंतित है क्योंकि उसे डर है कि बिना मुख्य मुद्दों को सुलझाए ही डील हो सकती है। तनाव इतना बढ़ गया है कि इजराइल ने UAE की सुरक्षा के लिए अपने आयरन डोम सिस्टम और कर्मचारी वहां भेज दिए हैं।

Trump ने ईरान के शांति प्रस्ताव को क्यों नकारा?

राष्ट्रपति Trump ने ईरान के नए शांति प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया और इसे ‘कचरा’ बताया। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि मौजूदा युद्धविराम अब खत्म होने की कगार पर है। Trump ने दावा किया कि वह पूरी तरह आश्वस्त हैं कि ईरान यूरेनियम बनाना बंद करेगा और अपना स्टॉक सौंप देगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। रिपोर्ट के अनुसार, बातचीत में तरक्की न होने की वजह से Trump अब ईरान के खिलाफ फिर से सैन्य कार्रवाई करने पर विचार कर रहे हैं।

UAE की सुरक्षा के लिए इजराइल ने क्या कदम उठाए?

अमेरिका के राजदूत Mike Huckabee ने पुष्टि की है कि इजराइल ने UAE को ईरानी हमलों से बचाने के लिए अपने आयरन डोम एंटी-मिसाइल बैटरियां और विशेषज्ञ वहां भेजे हैं। यह कदम खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते खतरे और इजराइल व UAE के बीच मजबूत होते रक्षा संबंधों को दिखाता है।

ईरान की प्रतिक्रिया और पाकिस्तान की भूमिका

  • ईरान का जवाब: ईरान के संसद प्रवक्ता ने कहा कि उनकी सेना किसी भी हमलावर को सबक सिखाने के लिए तैयार है। वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय ने अपने प्रस्ताव को वाजिब और उदार बताया।
  • यूरेनियम विवाद: ईरान ने यूरेनियम को पतला करने की बात कही थी, लेकिन उसे देश से बाहर भेजने से मना कर दिया, जिस पर विवाद जारी है।
  • पाकिस्तान की भूमिका: अप्रैल 2026 में पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम के लिए मध्यस्थता की थी। ऐसी खबरें भी आईं कि पाकिस्तान ने ईरानी सैन्य विमानों को अपने एयरफील्ड इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

इजराइल ने UAE में आयरन डोम क्यों भेजे?

ईरान की तरफ से संभावित हमलों के खतरे को देखते हुए इजराइल ने UAE की रक्षा के लिए अपनी आयरन डोम एंटी-मिसाइल बैटरियां और कर्मचारी वहां भेजे हैं।

राष्ट्रपति Trump का ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर क्या कहना है?

Trump ने कहा कि वह 100% आश्वस्त हैं कि ईरान यूरेनियम बनाना बंद करेगा और अमेरिका किसी भी हाल में ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देगा।