अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ होने वाले समझौते को लेकर बातचीत कर रहे अधिकारियों को बड़ा निर्देश दिया है। ट्रंप ने कहा है कि इस डील में किसी भी तरह की जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं है। इससे ठीक एक दिन पहले उन्होंने कहा था कि समझौता लगभग पूरा हो चुका है। ट्रंप के इस बदले रुख के बाद अब ईरान के साथ बातचीत में नया मोड़ आ गया है।

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डोनाल्ड ट्रंप ने अधिकारियों से क्या कहा?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा है कि ईरान के साथ होने वाली डील या तो बहुत बड़ी और ऐतिहासिक होगी या फिर कोई डील नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि समय हमारे पास है, इसलिए दोनों पक्षों को जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए और पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। इसके अलावा, ट्रंप ने साफ किया कि जब तक समझौता पूरी तरह से फाइनल और हस्ताक्षर नहीं हो जाता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नाकेबंदी पूरी तरह से जारी रहेगी।

इस समझौते पर ईरान और अमेरिकी अधिकारियों का क्या रुख है?

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बताया है कि टेबल पर एक मजबूत प्रस्ताव मौजूद है, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप कोई भी खराब डील स्वीकार नहीं करेंगे। दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने जानकारी दी है कि पाकिस्तान की मध्यस्थता से कुछ मुद्दों पर प्रगति जरूर हुई है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि समझौता बहुत करीब है। ईरान ने अमेरिका की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए हैं और कहा है कि वाशिंगटन द्वारा समझौते का पालन करने की कोई गारंटी नहीं है।

इस संभावित समझौते में क्या-क्या शर्तें शामिल हैं?

चर्चा में चल रहे समझौते के प्रारूप के तहत 60 दिनों के युद्धविराम, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने, ईरान को खुले तौर पर तेल बेचने की अनुमति देने और उसके परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने पर बातचीत शामिल है। इस डील की खबर के बाद वैश्विक शेयर बाजारों में तेजी देखी गई और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। वहीं, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को ट्रंप ने सूचित कर दिया है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म किए बिना कोई अंतिम समझौता नहीं होगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान और अमेरिका के बीच इस समझौते में मध्यस्थ की भूमिका कौन निभा रहा है?

पाकिस्तान इस बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, पाकिस्तान की मदद से कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा में प्रगति हुई है।

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर क्या शर्त रखी है?

डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि जब तक ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह बंद नहीं करता और समृद्ध यूरेनियम को नहीं हटाता, तब तक कोई अंतिम समझौता नहीं होगा। इसकी जानकारी इजरायली प्रधानमंत्री को भी दी गई है।