अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ होने वाले किसी भी संभावित समझौते को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। ट्रम्प ने साफ़ कर दिया है कि ईरान के साथ होने वाला नया समझौता पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के समय हुए समझौते से पूरी तरह अलग होगा और इसमें ईरान को कोई कैश यानी वित्तीय रियायतें नहीं दी जाएंगी। अमेरिकी प्रशासन और ईरान के बीच इस समय 60 दिनों के युद्धविराम को बढ़ाने और एक अंतिम समझौते पर पहुंचने के लिए बातचीत चल रही है।
ओबामा काल के समझौते से कैसे अलग होगा ट्रम्प का यह नया नियम
डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने बयानों में साफ़ किया है कि नया समझौता ओबामा के समय के जॉइंट कॉम्प्रिहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन यानी JCPOA जैसा बिल्कुल नहीं होगा। ट्रम्प ने पुराने समझौते की आलोचना करते हुए कहा कि उस समय ईरान को भारी मात्रा में कैश दिया गया था और उसे परमाणु हथियार बनाने का सीधा रास्ता मिल गया था। ट्रम्प का दावा है कि उनका नया समझौता इसके बिल्कुल विपरीत होगा और अमेरिका इस समझौते में अपनी सभी शर्तों को मनवाएगा। हालांकि, ट्रम्प ने यह भी कहा कि अभी यह डील पूरी तरह से फाइनल नहीं हुई है और कोई भी इसके अंतिम रूप को नहीं जानता है।
समझौते के इस नए फ्रेमवर्क में क्या शर्तें शामिल हैं
अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग फ्रेमवर्क पर चर्चा हुई है। इसके तहत ईरान को परमाणु हथियार न बनाने और अपने संवर्धित यूरेनियम के स्टॉक को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध होना होगा। इसके बदले में अमेरिका ईरान पर लगे कुछ प्रतिबंधों को हटा सकता है जिससे ईरान तेल का व्यापार कर सकेगा और उसकी फ्रीज की गई 12 अरब डॉलर की संपत्ति भी वापस मिल सकती है। दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा है कि यह केवल एक फ्रेमवर्क समझौता है और परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने की चर्चा बाद के चरणों में होगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या अमेरिका और ईरान के बीच नया समझौता फाइनल हो चुका है?
नहीं, डोनाल्ड ट्रम्प के अनुसार यह समझौता अभी पूरी तरह से तय नहीं हुआ है। फिलहाल दोनों देश केवल 60 दिनों के युद्धविराम को बढ़ाने और एक बुनियादी फ्रेमवर्क पर बातचीत कर रहे हैं।
ईरान की परमाणु नीति को लेकर इस समझौते में क्या बात कही गई है?
इस फ्रेमवर्क के तहत ईरान को परमाणु हथियार विकसित न करने और अपने संवर्धित यूरेनियम के स्टॉक को नष्ट करने के लिए कहा गया है, हालांकि ईरान ने अभी यूरेनियम सौंपने की बात से इनकार किया है।