अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित शांति समझौते को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। ट्रंप का कहना है कि अगर वह ईरान के साथ कोई नया समझौता करते हैं, तो वह बहुत ही अच्छा, उचित और ओबामा प्रशासन के समय हुए समझौते से कहीं बेहतर होगा। हालांकि, ट्रंप ने यह भी साफ कर दिया है कि जब तक इस समझौते पर पूरी तरह से दस्तखत नहीं हो जाते, तब तक ईरान पर अमेरिकी नाकेबंदी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगी।

ट्रंप की ईरान डील में क्या हैं मुख्य शर्तें और नियम?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी प्रशासन ने इस समझौते को लेकर कुछ बहुत ही कड़े रुख अपनाए हैं। समझौते के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • पूर्ण नाकेबंदी लागू रहेगी: ईरान के बंदरगाहों और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अमेरिकी नाकेबंदी तब तक पूरी तरह प्रभावी रहेगी जब तक समझौता फाइनल और प्रमाणित नहीं हो जाता।
  • परमाणु हथियार पर पूरी रोक: ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि ईरान किसी भी स्थिति में परमाणु हथियार विकसित नहीं कर सकेगा और उसके समृद्ध यूरेनियम का सही तरीके से निपटारा किया जाएगा।
  • एकतरफा शर्तों पर जोर: ट्रंप ने कहा है कि वह केवल उसी समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे जिसमें अमेरिका को अपनी पसंद की सभी चीजें मिलेंगी।

ईरान और अन्य देशों का इस समझौते पर क्या है रुख?

इस पूरे मामले पर ईरान, अमेरिका के सहयोगियों और अन्य मध्यस्थों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं:

  • ईरान का रुख: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा है कि वे दुनिया को आश्वस्त करने के लिए तैयार हैं कि वे परमाणु हथियार नहीं बनाना चाहते। हालांकि, ईरानी मीडिया का कहना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के खुलने के बाद भी इसका नियंत्रण ईरान के पास ही रहेगा।
  • रूस की पेशकश: समझौते के तहत ईरान के समृद्ध यूरेनियम को संभालने के लिए रूस ने इसे अपने पास रखने की पेशकश की है।
  • पाकिस्तान की मध्यस्थता: इस समझौते को कराने में पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और दोनों देशों के बीच बातचीत को आगे बढ़ा रहे हैं।
  • सहयोगी देशों से चर्चा: ट्रंप ने इस समझौते के बारे में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, सऊदी अरब, यूएई, कतर और तुर्की जैसे क्षेत्रीय नेताओं से भी सलाह की है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या ईरान अपने समृद्ध यूरेनियम को सौंपने के लिए तैयार हो गया है?

ईरानी सूत्रों ने अभी तक आधिकारिक तौर पर समृद्ध यूरेनियम का भंडार छोड़ने की बात स्वीकार नहीं की है, जबकि अमेरिका चाहता है कि ईरान अपना सारा यूरेनियम सौंप दे।

समझौते के शुरुआती चरण में क्या राहत मिल सकती है?

शुरुआती चरण में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह से खोलने और ईरान को तेल बेचने के लिए प्रतिबंधों में ढील देने पर बात चल रही है, जिसके लिए 60 दिनों का समय तय किया जा सकता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.