अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ होने वाले संभावित समझौते को लेकर बड़ा बयान दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखते हुए ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान के साथ कोई समझौता होता है, तो वह बहुत ही बेहतर और सही होगा। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के समय हुए समझौते की कड़ी आलोचना की। ट्रंप के इस बयान से पूरी दुनिया में हलचल तेज हो गई है क्योंकि इस डील से खाड़ी देशों और वैश्विक बाजार पर बड़ा असर पड़ने की उम्मीद है।
ईरान के साथ समझौते को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?
डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि उनका संभावित समझौता ओबामा प्रशासन के समझौते जैसा नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि ओबामा के समझौते ने ईरान को भारी मात्रा में कैश दिया और परमाणु हथियार बनाने का सीधा रास्ता खोल दिया था। ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिका का नया समझौता इसके बिल्कुल उलट होगा, लेकिन अभी तक किसी ने इसे देखा नहीं है। उन्होंने कहा कि बातचीत सही तरीके से आगे बढ़ रही है और उन्होंने अपने प्रतिनिधियों को जल्दबाजी न करने के निर्देश दिए हैं। जब तक समझौता पूरी तरह से फाइनल और साइन नहीं हो जाता, तब तक ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रहेगी।
संभावित समझौते में कौन-कौन से देश शामिल हैं?
इस बड़ी डील में कई देशों की भूमिका सामने आ रही है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और मिडिल ईस्ट के दूत स्टीव विटकॉफ इसमें सक्रिय हैं। वहीं ईरान की तरफ से राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन और उनके सर्वोच्च नेता ने समझौते के प्रारूप को मंजूरी दी है। इसके अलावा ट्रंप ने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन और बहरीन जैसे देशों से भी चर्चा की है। पाकिस्तान ने इस बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभाई है, जबकि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ भी ट्रंप ने फोन पर बात की है।
इस डील के मुख्य बिंदु और नियम क्या हो सकते हैं?
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस समझौते को इस्लामाबाद घोषणा के रूप में जाना जा सकता है। इसमें मुख्य रूप से दो चरण शामिल हो सकते हैं:
- हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना: ईरान तुरंत हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलेगा, जिसके बदले अमेरिका अपनी नाकेबंदी हटाएगा।
- 60 दिनों का सीजफायर: इस समझौते के तहत 60 दिनों का सीजफायर बढ़ाया जा सकता है, जिसके दौरान ईरान अपना तेल बेच सकेगा और परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा जारी रहेगी।
- यूरेनियम पर नियंत्रण: अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने समृद्ध यूरेनियम को नष्ट करने की प्रतिबद्धता जताए ताकि वह कभी परमाणु बम न बना सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की तारीख तय हो गई है?
नहीं, यह समझौता अभी पूरी तरह फाइनल नहीं हुआ है। डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि बातचीत प्रगति पर है लेकिन जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लिया जाएगा और नाकेबंदी जारी रहेगी।
क्या ईरान के नागरिक इस संभावित डील का समर्थन कर रहे हैं?
ईरान के कई नागरिकों में इस संभावित डील को लेकर अविश्वास और गुस्सा है। उन्हें लगता है कि इस तरह के राजनीतिक समझौतों का आम लोगों के जीवन पर विपरीत असर पड़ता है।