अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ संभावित समझौते को लेकर एक बहुत बड़ा बयान दिया है। ट्रम्प ने स्पष्ट किया है कि वह केवल उसी समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे जिसमें अमेरिका को ईरान से वह सब कुछ मिले जो वह चाहता है। शनिवार, 23 मई 2026 को इस मुद्दे पर अमेरिका और ईरान के बीच काफी तनाव देखा गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी है कि यदि कोई समझौता नहीं होता है, तो ईरान को बड़ी सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

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डोनाल्ड ट्रम्प और वरिष्ठ सलाहकारों की बैठक, रविवार तक आ सकता है फैसला

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिया है कि समझौते को लेकर वह अभी असमंजस की स्थिति में हैं। उनका कहना है कि या तो एक अच्छा समझौता होगा या फिर वह ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का विकल्प चुनेंगे। इस मामले पर अंतिम फैसला रविवार, 24 मई 2026 तक आने की उम्मीद जताई गई है। ट्रम्प इस संबंध में अपने वरिष्ठ सलाहकारों जैसे जेरेड कुशनर, स्टीव विटकॉफ और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ शनिवार को बैठक करने वाले हैं। वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बताया है कि बातचीत में कुछ प्रगति हुई है और जल्द ही कोई खबर आ सकती है।

अमेरिका की शर्तें और ईरान की ओर से मिली तीखी प्रतिक्रिया

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने साफ किया है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए, उसे अपना समृद्ध यूरेनियम छोड़ना होगा और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखना होगा। दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा है कि फिलहाल परमाणु मुद्दे इस बातचीत का हिस्सा नहीं हैं, क्योंकि तेहरान का मुख्य ध्यान युद्ध को समाप्त करने पर है। इसके साथ ही ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर कलीबाफ ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका फिर से सैन्य हमले शुरू करता है तो उन्हें और भी कड़ा और कड़वा जवाब दिया जाएगा।

सऊदी अरब और खाड़ी देशों के साथ ट्रम्प की बातचीत

इस संकट के बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल जनरल असीम मुनीर और कतर की एक टीम मध्यस्थता के लिए तेहरान में मौजूद है। डोनाल्ड ट्रम्प इस समझौते के संबंध में सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों के नेताओं से भी लगातार सलाह ले रहे हैं। सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने ट्रम्प के कूटनीति को मौका देने के फैसले की सराहना की है। हालांकि, इस पूरी बातचीत से इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को अलग रखा गया है और ट्रम्प उन्हें केवल एक सैन्य सहयोगी के रूप में देख रहे हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की आखिरी तारीख क्या तय की गई है?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के अनुसार, इस समझौते या फिर सैन्य कार्रवाई के विकल्प पर अंतिम फैसला रविवार, 24 मई 2026 तक लिया जा सकता है।

अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता में कौन से देश शामिल हैं?

इस बातचीत में पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर और कतर की मध्यस्थता टीम तेहरान में मौजूद रहकर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाने का प्रयास कर रही है।