अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को एक बड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने साफ कहा है कि या तो ईरान समझौते के लिए तैयार हो जाए, वरना उन्हें बहुत बुरे नतीजों का सामना करना पड़ेगा. इस तनाव के बीच सऊदी अरब और UAE जैसे देशों ने बीच-बचाव कर एक बड़े हमले को टाल दिया है.
Trump ने ईरान पर हमले का फैसला क्यों बदला?
- हमले की तैयारी: Trump ने बताया कि वह 18 मई 2026 को ईरान पर हमले का आदेश देने से महज एक घंटा दूर थे.
- खाड़ी देशों का हस्तक्षेप: सऊदी अरब, कतर और UAE ने Trump से अनुरोध किया कि वह हमले को रोक दें क्योंकि शांति वार्ता चल रही है.
- पाकिस्तान की भूमिका: रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान इस समय दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराने में अहम भूमिका निभा रहा है.
- सऊदी का समर्थन: सऊदी अरब के विदेश मंत्री ने कूटनीति को मौका देने के लिए Trump के फैसले की तारीफ की.
ईरान और इसराइल की क्या प्रतिक्रिया रही?
- ईरान की चेतावनी: ईरान की IRGC ने धमकी दी है कि अगर अमेरिका या इसराइल ने हमले किए, तो वह युद्ध को इस क्षेत्र से बाहर ले जाएंगे और ऐसी जगह वार करेंगे जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती.
- इसराइल का अलर्ट: इसराइल की सेना (IDF) इस समय हाई अलर्ट पर है. हालांकि, इसराइल की सेना Trump के इस खुलासे से हैरान थी कि वह हमले के इतने करीब थे.
- नेतन्याहू का स्टैंड: Trump ने कहा कि ईरान के मामले में प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu वही करेंगे जो Trump उनसे कहेंगे.
समझौते की मुख्य शर्तें और अमेरिका में माहौल
- परमाणु हथियार: Trump ने साफ कर दिया है कि किसी भी डील में ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए.
- हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य: बातचीत में Strait of Hormuz की स्थिति पर भी चर्चा हो रही है.
- अमेरिका में विरोध: अमेरिका के अंदर डेमोक्रेट्स ने गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर Trump की आलोचना की है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
Trump ने ईरान को क्या चेतावनी दी है?
Trump ने कहा है कि या तो ईरान समझौता करे या फिर वह कुछ बहुत सख्त कदम उठाएंगे, जिससे हालात बिगड़ सकते हैं.
इस विवाद में पाकिस्तान क्या कर रहा है?
पाकिस्तान वर्तमान में अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है.
